भारत की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने अपनी सफलता की कहानी दर्ज करनी शुरू कर दी

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अपने उद्घाटन के कुछ ही समय के बाद स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी ने सबका बहुत ध्यान आकर्षित किया और अब यह गुजरात के सबसे अधिक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक बन गया है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इसने मिश्रित उपयोग श्रेणी में प्रतिष्ठित विश्व वास्तुकला समाचार पुरस्कार 2019 में प्रवेश किया है।

वर्ल्ड आर्किटेक्चर न्यूज ने कहा कि प्रतिमा अत्यधिक उच्च गति वाली हवाओं का सामना करने के लिए बनाई गई है और यह रिक्टर पैमाने पर 6.8 की तीव्रता वाले भूकंप को भी झेल सकती है। 182 मीटर ऊँची यह मूर्ति भारत के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की सराहना करता है और आगंतुकों को सरदार पटेल के विचारों, देशभक्ति, एकता, सुशासन और समावेशी विकास के लिए प्रेरित करता है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी से घिरी साधु बेट आइलेट के ऊपर एक तारे के आकार के मंच पर खड़ी है। लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा निर्मित, स्टैचू ऑफ यूनिटी में एक स्टील फ्रेम है जो ऊर्ध्वाधर कोर द्वारा समर्थित लगभग 6,500 कांस्य पैनलों के साथ कवर किया गया है।

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वर्ल्ड आर्किटेक्चर न्यूज वेबसाइट के अनुसार, ये प्रतिमा हर साल वहां के लोगों के लिए पर्यटन और उससे संबद्ध क्षेत्रों में लगभग 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न करेगी।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अब गुजरात में एक अतिरिक्त पर्यटन के आकर्षण का केंद्र बन गई है। एक अधिकारी ने बताया कि यह डेस्टिनेशन अब गुजरात टूरिज्म का हिस्सा है और इसका घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया गया है। इस प्रतिमा को बनाने में लगभग साढ़े तीन साल लगे और इसे बनाने के लिए देश भर से लोहा एकत्र किया गया था।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, गुजरात पर्यटन विभाग ने ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की है, जो प्रतिमा स्थल पर आपके प्रवेश की सुविधा प्रदान करेगा। टेंट हाउस में रहने के लिए भी आप ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

जिस तरह से यह गुजरात आने वालें पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, उसके अनुसार नवीनतम प्रतिष्ठित पुरस्कार श्रेणी में उसका प्रवेश कोई आश्चर्य की बात नहीं है।