भारत के सतत विकास के मंत्र को G-20 रोम घोषणापत्र में मिली जगह, भारत की शक्ति को दर्शाता है

G-7 और ब्रिक्स सम्मेलन की तरह ही भारत की बातो को रोम में चले G-20 शिखर सम्मेलन में भी भारत की बातो को दुनिया ने ध्यान लगाकर सुना और भारत की बातो पर सहमति जताई। जलवायु परिवर्तन का मुद्दा हो या फिर कोरोना वैक्सीन का मुद्दा सभी पर भारत ने अपना पक्ष भी खुलकर रखा। पीएम मोदी ने इस बाबात बोला कि विश्‍व स्वास्थ्य संगठन को कोरोना टीकों की अपातकालीन उपयोग मंजूरी को लेकर प्रक्रिया को तेज करने के लिए मजबूत किया जाएगा जिसपर तैयार किये गये घोषणा पत्र में भी सहमति जताई गई।

 

घोषणापत्र में भारत के सतत विकास के मंत्र को मिली जगह

G-20 शिखर सम्मेलन में हुई अहम चर्चा पर भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सतत जीवनशैली पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंत्र सतत खपत और जिम्मेदार उत्पादन पैटर्न पर G-20 का रोम घोषणा में परिलक्षित होता है। गोयल ने कहा, ‘पहली बार,G-20 ने पेरिस में पहले तय किए गए जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वित्त और प्रौद्योगिकी के प्रविधानों के साथ सतत एवं जिम्मेदार खपत एवं उत्पादन की पहचान की है।‘

दुनिया की मदद करने का दिया भरोसा

बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में स्वीकार किया कि कोविड महामारी का सामना करना एक बड़ी चुनौती है लेकिन इस लड़ाई में हम सब साथ हैं, हम एक टीम की तरह काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विश्व को बताया कि अगले साल हमारा लक्ष्य 500 करोड़ वैक्सीन बनाने का है। भारत ने किफायती वैक्सीन दुनिया को दी हैं जिसका इस्‍तेमाल कम आमदनी वाले देश भी कर सकेंगे।

जलवायु परिवर्तन पर साझा चिंताओं का जिक्र

पीएम मोदी की ओर से जलवायु परिवर्तन पर विश्व की चिंताओं को उजागर किया गया। विकसित देशों की इसमें जो जि‍म्मेदारी होनी चाहिए उन्हें सामने लाया गया, जो उनकी कमियां रही हैं, उन्होंने उसे स्वीकार किया। G-20 शिखर सम्‍मेलन में कृषि क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका हमारा केंद्र बिंदु थी। हर कोई सहमत है कि इनकी आजीविका में सुधार एक महत्वपूर्ण वैश्विक प्रयास है, जिसके लिए हमें काम करना होगा।

G-20 सम्मेलन में जिस तरह भारत ने अपनी बात रखी उससे ये साफ हो गया है कि भारत अब विश्व के मंच पर खुलकर अपनी बात रखता है और दुनिया उसकी ना केवल बात सुनती है बल्कि उसपर पूरा पूरा ध्यान भी देती है। यही फर्क तो देखकर लगता है कि भारत की छवि मोदी राज में लगातार तेजी से बढ़ रही है।