मोदी राज में भारत की बढ़ती वैश्विक जिम्मेदारी

भारत की वैश्विक स्थिति किसी न किसी रूप में सदा ही खास रही है। साम्राज्यवाद का दौर हो या  फिर हरित क्रांति का दौर हर दौर में भारत की भूमिका ने विश्व को एक नया रास्ता दिखाया है। आज जिस तरह से विश्व का माहौल है या कोरोना के बाद होगा दुनिया भारत की तरफ देख रही है। अधिकांश देश भारत से अपेक्षाएं रखेंगे, क्योंकि हर सामान्य नागरिक को शांति और अहिंसा चाहिए। चीन, पाकिस्तान और कुछ इस्लामिक देशों को छोड़ दें तो अन्य सभी यही चाहेंगे कि भारत विश्व शांति के प्रयत्नों में आगे आए, क्योंकि उसकी ऐतिहासिक साख दूसरों की सहायता की ही रही है, न कि लूटपाट, शोषण या आक्रमण करने की। कुछ यही संदेश हमारे प्रधान  विश्व के हर उस मंच पर देते हुए नजर भी आते है भारत विश्व शांति के लिय हमेशा काम करता रहेगा।

 

कोरोना काल में विश्व को भारत ने दी हर तरह की मदद

ऐसा नही है कि भारत दुनिया के हर मुल्क को अपना परिवार मानता है बल्कि परिवार के सदस्य की तरह उनकी मदद भी करता है। कोरोना काल में जब हर देश परेशान था। तो भारत ने एक कदम आगे निकलकर विश्व की मदद की । ऑकड़े बताते है कि भारत ने 150 से अधिक देशों को दवाई दी तो बहुत ऐसे छोटे देश थे जिन्हे दूसरी सहायता देकर लाखों लोगो की जान भी बचाई। पीएम मोदी ने खुलकर ऐलान भी किया है कि भारत वैक्सीन के मामले में भी इसी तरह की पहल करेगा। खुद WHO ने पीएम मोदी की इस पहल का स्वागत किया है। और हिन्दी में ट्वीटकर के पीएम और बारत को धन्यवाद दिया है।

आतंक पर लगाम लगाने के लिए एकजुट होने का दिया संदेश

विश्व शांति के लिए भारत ने आतंक से न केवल निपटने की बात बताई बल्कि ये भी साफ किया कि आतंक ने विश्व को सिर्फ अनगिनत लाशे ही दी है। विश्व को इससे निपटने के लिये एक होना पड़ेगा। जिससे विश्व में लोगों की जान बच सके और आतंक का खातमा हो सके। इतना ही नही विस्तारवादी सोच रखने वाले देशों से सावधान रहने के लिये भी भारत ने विश्व को चेताया है। जिसका परिणाम ये हुआ है कि आज भारत के साथ कई देश एक साथ खड़े दिख रहे है वो भारत पर भरोसा कर रहे है। और भारत के बताये रास्ते पर चलने के लिये तैयार हो गये है।

आज जिस तरह का माहौल बन रहा है उससे विश्व में भारत की जवाबदेही बढ़ रही है। भारत की जिम्मेदारी बढ़ रही है और ये सब अगर मुमकिन हो पाया है तो सिर्फ मोदी सरकार की नीतियों के चलते जिसने 6 सालों में विश्व के देशों में ये विश्वास जगाया है कि भारत एक ऐसा देश है जो सिर्फ मानवता को बचाने के लिये ही काम करता है और करता रहेगा।