विश्व में अब और दमदार होगी भारत की छवि

नये साल के आते ही भारत नये नये मुकाम छूने में लगा हुआ है लेकिन  हर भारतीय के लिए साल शुरू होते ही एक ऐसा पल आ गया है जिसमें हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। क्योकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के राष्ट्रीय ध्वज को लगाया जाएगा। भारत संयुक्त राष्ट्र के इस शक्तिशाली निकाय में दो वर्षों के लिए अस्थायी सदस्य के तौर पर अपना कार्यकाल शुरू कर रहा है।

हर भारतीय के लिए गौरव का पल

मोदी राज में लगातार भारत की ताकत विश्व संगठनो में बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में भारत अब संयुक्त राष्ट्र परिषद का अस्थायी सदस्य बन गया है। इसी के चलते 4 जनवरी को एक समारोह रखा गया है जिसमें भारत के तिरंगे को फहराया जायेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. तिरूमूर्ति तिरंगा लगाएंगे और समारोह में वह संक्षिप्त संबोधन भी देंगे। भारत के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में नॉर्वे, केन्या, आयरलैंड और मैक्सिको अस्थायी सदस्य बने हैं। वे अस्थायी सदस्यों इस्टोनिया, नाइजर, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडा, ट्यूनिशिया, वियतनाम तथा पांच स्थायी सदस्यों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ इस परिषद् का हिस्सा होंगे। भारत अगस्त 2021 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् का अध्यक्ष होगा और फिर 2022 में एक महीने के लिए परिषद् की अध्यक्षता करेगा। परिषद् का अध्यक्ष हर सदस्य एक महीने के लिए बनता है, जो देशों के अंग्रेजी वर्णमाला के नाम के अनुसार तय किया जाता है। झंडा लगाने की परंपरा की शुरुआत कजाकिस्तान ने 2018 में शुरू की थी।

क्या है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 प्रमुख हिस्सों में से एक है। इसका मुख्य कार्य दुनियाभर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ में नए सदस्यों को जोड़ना और इसके चार्टर में बदलाव से जुड़ा काम भी सुरक्षा परिषद के काम का हिस्सा है। यह परिषद दुनियाभर के देशो में शांति मिशन भी भेजता है और अगर दुनिया के किसी हिस्से में मिलिट्री ऐक्शन की जरूरत होती है तो सुरक्षा परिषद रेजोल्यूशन के जरिए उसे लागू भी करता है।

वैसे चीन ने भारत इसका सदस्य न बने इसके लिये लाख कवायद की थी लेकिन चीन की दाल नमो की विदेशनीति के सामने न चल सकी और ये साबित हो गया कि मोदी जी की विदेशनीति का ही असर है कि आज भारत को विश्व में प्रथमिकता दी जा रही है। खुद पीएम मोदी ने वैश्विक मंचो से ये बात भी उठाई है साफ किया है कि आज के माहौल में भारत की बात न केवल सुनी जाती है बल्कि उसपर दुनिया अमल भी  कर रही है।