भारत की बढ़ती टेक्नोलॉजी और मौसम विभाग का है कमाल, बचा ली हजारों लोगों की जान

पहले जब तुफान गुजर जाता था और हजारों की मौत हो जाती थी उसके बाद देश की सरकारे जागती थी और राहत कार्यों में लगती थी। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद अब स्थिति बिलकुल बदल गई है। क्योकि आपदाओं से निपटने के लिये सरकार  अब पहले से कमर कस लेती है.

 

हालांकि अच्छी खबर ये है कि वक़्त रहते ओडिशा के लगभग 10,000 गांवों और 52 शहरी क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास का काम जारी है. ओडिशा के हज़ारों लोगों की जान बचाने के पीछे ISRO की भूमिका क़ाबिले तारीफ है. IRSO के सैटेलाइट ने वक़्त रहते अगर इस तूफ़ान की पहचान न की होती तो शायद स्थिति बिगड़ सकती थी।IRSO की इस शक्ति का लोहा आज UN भी मान रहा है।

मोदी सरकार में, ISRO की बढ़ रही है ताकत आकाश में

करीब एक हफ्ते पहले ही मौसम वैज्ञानिकों ने दक्षिणी हिंद महासागर में निम्न दबाव के चलते चक्रवाती तूफ़ान के उत्पन्न होने की चेतावनी जारी कर दी थी. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यानी ISROके पांच सैटेलाइट्स लगातार इस पर नज़र रखे हुए थे। सैटलाइट हर 15 मिनट पर ग्राउंड स्टेशन को नया डेटा और लोकेशन भेज रहे थे जिससे लोगों को प्रभावित इलाकों से वक़्त रहते निकाले जाने में मदद मिली।

ISRO के Insat-3D, Insat-3DR, Scatsat-1, Oceansat-2 और मेघा ट्रॉपिक्स सैटलाइटों ने लगातार ओडिशा तट पर नज़र बनाए रखी. सैटेलाइट्स से मिले डेटा के आधार पर तूफ़ान से प्रभावित होने वाले इलाकों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया. बता दें कि फानी केंद्र के 1,000 किलोमीटर के दायरे में बादल छाए हुए थे, लेकिन बारिश वाले बादल सिर्फ 100 से 200 किलोमीटर के दायरे में थे. बाकी बादल करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर थे.

IMD के डायरेक्टर जनरल केजे रमेश के मुताबिक सैटलाइटों ने हज़ारों लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है. सैटेलाइट्स से मिले डेटा के जरिए ही IMD ने इस बात का सटीक पूर्वानुमान लगाया कि फानी किस जगह पर ओडिशा के तट से टकराने जा रहा है. इसी के बाद ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने 11.5 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया. गौरतलब है कि Scatsat-1 से भेजे गए डेटा से चक्रवाती तूफान के केंद्र पर नजर रखी गई, वहीं Oceansat-2 समुद्री सतह, हवा की गति और दिशा के बारे में डेटा भेज रहा था।

मतलब साफ है कि जिस तरह ने मोदी सरकार ने सेना के हाथ खोले वैसे ही ISRO को भी नई उड़ान भरने के लिये कभी भी कोई रुकावट नही लगाई जिसके चलते आज भारत ने कई नये आयाम बनाये है। जिससे देश कई मुसीबत से भी मचा है। सच में पीएम मोदी जो कहते है वो करते है।तभी तो अपने नारे जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान को ज़मीन पर उतार अपने देश को बना रहे है महान