भारत का आर्थिक विकास अनुमान से बेहद कमजोर लेकिन चीन से बहुत आगे : IMF

IMF projected a slower growth rate for India in 2019 and 2020

आईएमएफ ने गुरुवार को कहा, “भारत की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है”। कॉरपोरेट और पर्यावरणीय नियमों की अनिश्चितता और कुछ एनबीएफसी की आर्थिक कमजोरियों के चलते विकास दर गिरी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि दर सात साल के सबसे कम स्तर पर है। अप्रैल-जून तिमाही में यह दर सिर्फ 5 फीसदी थी। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह दर 8 फीसदी थी।

India's economic growth much weaker than anticipated but far ahead of China

जुलाई में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2019 और 2020 में भारत के लिए धीमी वृद्धि दर का अनुमान लगाया है । दोनों वर्षों के लिए 0.3 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने लगाया है, इसकी वज़ह से भारत की जीडीपी अब क्रमशः 7 और 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। इसके पीछे IMF ने घरेलू मांग में होती कटौती को कारण बताया है। भारत सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और कृषि के क्षेत्र में गिरावट के चलते आर्थिक विकास दर में गिरावट आई है। गौरतलब है कि साल 2012-2013 में भी भारत की विकास दर मात्र 4.9 फीसदी थी।

हालांकि, इसके बावजूद भी आईएमएफ को भारतीय अर्थव्य वस्थाख में काफी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। वाशिंगटन स्थित वैश्विक वित्तीय संस्थान ने कहा की भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होगी और चीन से बहुत आगे है।

आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, “हमारे पास संख्याओं का एक ताजा सेट होगा, लेकिन भारत में हालिया आर्थिक विकास उम्मीद से काफी कमजोर है, मुख्य रूप से कॉर्पोरेट और पर्यावरण नियामक अनिश्चितता और कुछ गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों में कमजोरियों के कारण।”

भारत के हालिया जीडीपी आंकड़ों पर एक सवाल के जवाब में राइस ने कहा कि आईएमएफ भारत में आर्थिक स्थिति पर नजर रखेगा और हम आगामी विश्व आर्थिक दृष्टिकोण में उस मूल्यांकन को अपडेट करेंगे”।

अगस्त में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2019-20 में देश की आर्थिक विकास दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जारी किया था। जुलाई में एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भी भारत के विकास दर अनुमानों में कटौती की थी। एडीबी ने इस साल भारत की आर्थिक विकास दर सात फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।