वैक्सीन कूटनीति के जरिये दुनिया में भारत का बड़ा दबदबा

जिस वैक्सीन को लेकर देश में कई लोग शक खड़ा कर रहे थे वो लोग आज जरूर शर्म से पानी पानी हो जायेगे क्योकि जिस तरह से विदेश में भारतीय टीके को हाथो हाथ लिया जा रहा है उसका परिणाम इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ लोग हमारे पीएम की तुलना हनुमान से कर रहे है तो दूसरी तरफ भारत का आभार जताते हुए पड़ोसी मुल्क नही थक रहे।

 

 ब्राजील ने एक बार फिर से मोदी जी की तुलना हनुमान जी से की

आपको याद होगा पीएम मोदी ने लालकिले के प्रचीर से ऐलान किया था कि केवल पड़ोसियों से ही वो संबध बेहतर बनायेगे ऐसा नही है हम उनके भी करीब लायेगे जो दूर जरूर है लेकिन दिल जिनके हमारे करीब है बस इसी ऐलान को मोदी जी ने कोरोना काल में वक्त आने पर पूरा करके दिखाया है। तभी दूर बैठे भारत के दोस्तो को दवा की जरूरत पड़ी तो पीएम मोदी ने दवा पहुंचाई वही अब वैक्सीन भी पहुंचा रहे है। तभी तो ब्राजील के पीएम ने वैक्सीन पहुंचने पर मोदी जी का धन्यवाद करते हुए उन्हे दोबारा से वैक्सीन को संजीवनी तो मोदी जी को संकट मोचन बताया है। गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रपति बोलसोनारो ने पहले भी हाइड्रोक्लोरोक्वीन (HCQ) भेजने के लिए पीएम मोदी को हनुमान और दवा को संजीवनी बूटी बताया था।

पड़ोसी धर्म का वादा निभाता भारत

पड़ोसी पहले की कूटनीति अपने वाले भारत ने संकट के वक्त अपने पड़ोसियों का भी पूरा ध्यान रखा अब इस बात को विश्व भी मान रहा है। तभी विश्व के सभी बड़े संगठन भारत की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए दिखाई देते है। इतना ही नही कोरोना वैक्सीन के आते ही भारत ने भूटान, बांग्लादेश, नेपाल मालदीव सहित 10 देशो में वैक्सीन तुरंत पहुंचानी शुरू कर दी है। जिसके बाद पीएम मोदी को धन्यवाद का ताता लग गया है। आलम ये है कि कोई देश मोदी जी को आबार देता हुआ नही थक रहा तो कल तक भारत को आंख दिखा रहा नेपाल आज भारत का गुणगान गाते हुए दिख रहा है। ज्यादातर शार्क देशो ने पीएम मोदी की इस कदम की तारीफ की है और धनय्वाद देते हुए कहा कि संकट के वक्त में भारत ने एक हमेशा ही हम सबकी मदद की है। उसकी मदद का हम सब धन्यवाद करते है। सरकार की वैक्सीन कूटनीति का असर भी दिखने लगा है क्योकि एक तरफ चीन से इन देशो का मोहभंग हो रहा है तो दूसरी तरफ वो ये समझ रहे है कि भारत सच में शांतिप्रिय देश के साथ साथ सबका हित सोच कर काम करता है।

 

सरकार की वैक्सीन कूटनीति जरूर आने वाले दिनो में रंग लायेगी क्योकि भारत के इस कदम से दुनिया में भारत की साख और मजबूत हुई है। ये तो उसके दुश्मन देश चीन और पाक भी मान रहे है। लेकिन हम ये बता देना चाहते है कि अब ये सब केवल सियासत के लिये नही बल्कि मानवतावाद के चलते कर रहे है।