5 साल में 35,000 करोड़ रुपये तक बढ़ेगा भारत का रक्षा निर्यात: सेना प्रमुख बिपिन रावत

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Army Chief Bipin Rawat

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा रक्षा उत्पादों का पमुख निर्यातक बनाने की कोशिशें रंग ला रही हैं। और अगले पांच साल में रक्षा निर्यात के 35 हजार करोड़ तक पहुंचने की प्रबल संभावना है। जनरल रावत ने शुक्रवार को स्वदेशी रक्षा उपकरण निर्यातक संघ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा की भारत अगले पांच वर्षों में अपने रक्षा निर्यात (defence exports) में तीन गुना बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि 2024 तक भारत का रक्षा निर्यात मौजूदा 11,000 करोड़ से बढ़कर करीब 35,000 करोड़ प्रतिवर्ष हो सकता है। भारत के सुरक्षा बल अपनी आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने और रक्षा निर्यात बढ़ाने के लिए एक मजबूत घरेलू रक्षा उद्योग के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।

कई देशों के रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों और इससे जुड़े लोगों की मौजूदगी में राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा, ‘हम अपने सुरक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रक्षा उद्योग की तरफ देख रहे हैं। सेना प्रमुख ने कहा, इस दुनिया में उभरते खतरों का सामना करने के लिए रक्षा तैयारी को मजबूत करना बुद्धिमानी होगी और मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं हैं’।

India's defense exports to grow by Rs 35,000 crore in 5 years: Army chief

उन्होंने कहा की यह निराशजनक है की आजादी के 70 साल के बाद भी हम सैन्य साजो-सामना के लिए विदेशों पर निर्भर थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। DRDO सेना की जरूरत को ध्यान में रखकर उत्पाद बना रहा है और उनकी आपूर्ति कर रहा है। सेना प्रमुख ने कहा की दुनिया में तेज़ी से बदलती परिस्थितियों के हिसाब से सेना की जरूरत को पूरा करना होगा। सेना की क्षमता और ताकत बढ़ने के लिए उसे अत्याधुनिक साजो सामान से लैस करना होगा।

रावत ने यह भी उल्लेख किया कि अगला रक्षा एक्सपो अगले साल फरवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में लखनऊ में आयोजित किया जाना है। उन्होंने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और साथ ही निजी कंपनियों द्वारा समर्थित रक्षा उद्योग इस कार्यक्रम में अपने उपकरणों का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें से कुछ को सेना द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।

गौरतलब है की भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूत करने के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO) ने ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के लिए 16 भारतीय कंपनियों से 30 समझौते किए हैं। इनमें से तीन स्टार्टअप हैं।

 


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