कोरोना काल में सही दिशा की तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था की चाल

कोरोना महामारी की सबसे बड़ी मार दुनिया के हर देश के आर्थिक सेक्टर पर पड़ी। हर देश की आर्थिक स्थिति कोरोना वायरस के चलते हांफने लगी है लेकिन दूसरे देशों की तुलना में भारत की स्थिति थोड़ी बेहतर है, क्योंकि 135 करोड़ आबादी वाले भारत देश की आर्थिक स्पीड धीमी हुई है लेकिन दुनिया के कई देशों की तरह थमी नहीं है और ये बात हम नहीं बल्कि अमेरिका के सांसद अपने सदन में बोल रहे हैं तो कई विश्व के संगठन भी इस बात को मान रहे हैं।

भारत सबसे तेजी से बढ़ता फिनटेक बाजार, अमेरिकी सांसद ने दिया बयान

रिपब्लिक पार्टी के सीनेटर स्टीव डेंस ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला फिनटेक बाजार है और वित्तीय नवाचार के मामले में अमेरिका से काफी आगे है। मोंटाना के सांसद ने कहा कि अमेरिका को चीन से एक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जिसने डिजिटल युआन की पेशकश की है और उन्हें लगता है कि यह एक दिन दुनिया की प्रमुख आरक्षित मुद्रा के रूप में डॉलर की जगह ले लेगी। उन्होंने केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा नीति पर सीनेट की बैंकिंग, आवास और शहरी मामलों की उपसमिति के समक्ष कहा, ‘‘डिजिटल युआन के अलावा भी ये कोई छिपी हुई बात नहीं है कि चीन और कई अन्य देश वित्तीय नवाचार के मामले में हमसे बहुत आगे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते फिनटेक बाजारों में से एक है। वास्तव में, भारत द्वारा 2020 में किया गया कुल तत्काल भुगतान चीन की तुलना में लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर अधिक था। यह आंकड़ा भारत में 25.5 अरब डॉलर और चीन में 15.7 अरब डॉलर रहा। डेंस ने कहा कि भारत और चीन की तुलना में अमेरिका में सिर्फ 1.2 अरब डॉलर का तत्काल भुगतान किया गया। फिनटेक ऐसी वित्तीय कंपनियां हैं, जो काम में तेजी लाने और लागत में कटौती के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार में भारत ने अमेरिका को पछाड़ा

मोदी सरकार कोरोना के बावजूद विदेशी निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाब रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बना है देश का विदेशी मुद्रा भंडार का 600 अरब डॉलर को पार करना। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4 जून, 2021 को समाप्त सप्ताह में 6.842 अरब डॉलर बढ़कर पहली बार 600 अरब डॉलर को पार कर गया। विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में इस नए रिकॉर्ड के साथ भारत दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा देश बन गया है। खास बात यह है कि इस मामले में भारत ने अमेरिका को पछाड़ दिया है। अमेरिका का फॉरेक्स रिजर्व 142 अरब डॉलर ही है और यह लिस्ट में 21 वें स्थान पर है। जबकि भारत ने 5वे नंबर पर जगह बना ली है। वहीं भारत ने केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि सिंगापुर, हांगकांग समेत कई देशों को पछाड़ दिया है। अब इस लिस्ट में भारत से उपर केवल चीन, जापान, स्विटजरलैंड और रुस ही हैं।

मुद्रा भंडार हो या फिर फिनटेक बाजार हर तरफ भारत की स्पीड में तेजी ये बाता रहा है कि कोरोना काल में हम सही दिशा की तरफ बढ़ रहे हैं बस अब कोरोना को हरा कर जब हम इस दिशा में तेजी से काम करेंगे तो देश में एक नये अर्थतंत्र की स्थापना होगी जिसकी तारीफ समूची दुनिया करती हुई नजर आयेगी।