रूस में भारतीय सेना करेगी कदमताल, तो बनेगा एक इतिहास

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24 जून 2020 भारत की जनता के लिए एक इतिहास बनाने जा रहा है, ऐसा इतिहास जिस पर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जायेगा और ये मौका भारत की सेना देश की जनता को देने जा रही है। क्योंकि इस दिन तीनों सेना के जवान रूस की राजधानी मॉस्को के रेड स्क्वायर से मार्च करती हुई नजर आएगी।

रूस की धरती पर एक इतिहास रचा जायेगा

जी हां एक इतिहास के गवाह हम बनने जा रहे हैं, यूं तो आप ने भारतीय सेना के पराक्रम की कहानी तो बहुत सुनी होगी और इसी पराक्रम का ही असर है कि भारतीय फौज को दुनिया के हर देश से सम्मान मिलता रहता है। इसी कड़ी में अब भारतीय सेना रूस की विक्ट्री डे परेड का हिस्सा बनेगी। सबसे बड़ी बात ये है कि रूस ने 75वीं वर्षगाठ पर भारतीय सेना को इसमे शामिल होने का निमंत्रण दिया है। वैसे इससे पहले 2015 में भारतीय सेना की थल सेना की एक  टुकड़ी ने पहले भी इस परेड में हिस्सा ले रखा है। इस कार्यक्रम के लिए रूस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता भेजा था। हालांकि कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे लेकिन भारत की तीनों सेनाएं अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी। जिससे रूस के साथ भारत की दोस्ती औऱ मजबूत होगी। गौरतलब है कि रूस भारत का विश्वस्तर पर बहुत पुराना दोस्त है और हर वक्त भारत की मदद के लिए तैयार भी रहता आया है। ऐसे में ये कदम दोनो देशो को और करीब लाएंगे।

1945 से विक्टरी डे परेड का रूस में हो रहा है आयोजन

रूस की सेना का ये सबसे बड़ी परेड कार्यक्रम है इसको 1945 से आयोजित किया जा रहा है। ये कार्यक्रम रूसी सेना का सबसे बड़ा आयोजन भी माना जाता है। दरअसल हिटलर की नाजी सेना ने रूस की लाल सेना के आगे आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद रूस विजय दिवस के तौर पर इसे मनाता है। यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि ये परेड रूस में 9 मई को निकाली जाती है लेकिन इसबार कोरोना संकट के चलते इसे आगे बढ़ाया गया है। जिसके बाद 24 जून को रूस में इसका आयोजन किया जा रहा है। वैसे 75वीं वर्षगाठ होने के चलते इसबार रूस ने कई तरह की तैयारी की थी और कई देश के बड़े नेताओं को भी निमंत्रण दिया था लेकिन कोरोना संकट के चलते आयोजन का रंग फीका पड़ गया लेकिन अब  भारत में दिखेगा जब भारतीय फौज रूस में कदम ताल करते हुए दिखेगी।

फिलहाल ये भारत के लिए काफी गर्व का मौका है तो इस कड़ी के बाद भारत रूस की दोस्ती नये आयाम को छुएगी जिसका असर चीन पर भी पड़ सकता है। क्योंकि चीन भी रूस के साथ सैन्य गठबंधन है लेकिन रूस ने पहले ही कई बार स्पष्ट कर दिया है कि वो हमेशा दुनिया मे भारत के साथ खड़ा रहेगा। क्योंकि भारत की दोस्ती की सच्चाई को वो अच्छी तरह जानता है कि भारत जिससे दोस्ती करता है उसके लिए जान तक देने के लिए तैयार रहता है और जान लेने के लिए भी…..


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