दुश्मनों के दांत खट्टे कर देगी भारतीय सेना

पाकिस्तान समय समय पर भारत को जंग की धमकी देता रहता है, लेकिन हकीकत ये है कि अगर पाक और भारत के बीच में जंग की शुरूआत हो जाये तो पाक का नामो निशान महज 10 दिन के भीतर भारत ही सेना मिटा देने की क्षमता रखती है। इस बाद का खुलासा खुद पीएम मोदी भी कर चुके है और पिछले युध्दों में ये भारतीय सेना साबित भी कर चुकी है।

‘मिशन 40’ पर भारत की फौज

वैसे तो देश की सेना 10 दिन तक किसी भी भयानक जंग को लड़ सकती है, लेकिन अब भारत बिना रुके 40 दिन तक दुश्मन के होश उड़ाने के लिए तैयार हो रही है। इसके लिये फौज लगातार तैयारियों में भी जुटी है। मोदी सरकार इसके लिये फौज को हर तरह की मदद भी करने में लगी है। तभी तो फौज का सलाना बजट इस बार 6 फीसदी बढ़ाकर 3 लाख 37 हजार करोड़ रूपये रखा गया है। अगर बात करे सेना की हाईटेक व्यवस्था कि तो 2020 में भारत ने आकाश मिसाइल का रात को सफल परिक्षण किया है तो अग्नि मिसाइल की मारक क्षमता को भी बढ़ाया है वही भारतीय सेना उन सेनाओं में भी शामिल हो गई है जो जल से अतिरिक्ष में हमला कर सकती है। इसके साथ साथ फौज इस वक्त मिशन 40 पर काम कर रही है जिसके चलते 40 दिन तक फौज बिना रुके किसी भी देश से जंग लड़ सके।

आज भारतीय फौज दुनिया की सबसे शक्तिशाली फौज में 4 नबंर की फौज है। जिसके पास तकरीबन 13 लाख से ज्यादा की फौज, रॉकेट और मिसाइल से लेकर हाई-कैलिबर टैंक और आर्टिलरी का जखीरा बना रही है. मोदी सरकार ने इसके पहले जो जरूरी सामान कम पड़ते थे, उन्हें पूरा कर लिया गया है और करीब 12,890 करोड़ रुपये के 24 और कॉन्ट्रैक्ट अभी पाइपलाइन में हैं। इनमें से 19 विदेशी कंपनियों के साथ किए गए समझौते शामिल हैं। साथ ही साथ देश में ही विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर 8 अलग अलग तरह के टैंक आर्टिलरी और इन्फैन्ट्री हथियार तैयार करने की भी तैयारी की जा रही है। इसके लिये सरकार ने पहले ही 1 लाख 10 हजार करोड़ का बजट भी फाइनल कर दिया गया है।

मतलब साफ है कि पीएम मोदी देश में विकास के साथ साथ फौज में भी विकास की गंगा बहाना चाहते है क्योकि वो अच्छी तरह से जानते है कि अगर देस को महफूज रखना है तो सेना का मजबूत होना जरूरी है इस बार सरकार सेना को हर वो हथियार देना चाहती है जो सेना को जरूरी हो। इसके लिए मोदी सरकार पहले दिन से ही काम में भी जुटी है। ऐसे में देश के दुश्मन ये समझ ले कि भारत से अगर पंगा लिया तो फिर उसकी खैर नहीं।