भारतीय सेना ने महू में टैंक भेदी स्पाइक मिसाइल का किया सफल परीक्षण

Indian Army successfully test-fires tank piercing spike missile in Mhow

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में भारत की ताकत लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय सेना ने मप्र के इंदौर जिले के समीप महू के इंफैंट्री स्कूल में टैंक भेदी दो ‘स्पाइक एलआर (लांग-रेंज) मिसाइल का बुधवार को सफल परीक्षण किया। इससे सेना की युद्ध क्षमता में और बढ़ोत्तरी होगा।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और अन्य कमांडर मध्यप्रदेश के मऊ में इस परीक्षण के दौरान मौजूद थे। इन मिसाइलों को हाल ही में खरीदा गया है। जनरल रावत महू स्थित इंफेंट्री स्कूल में सैन्य कमांडरों की सालाना बैठक में हिस्सा लेने आए थे। इसी दौरान यह परीक्षण किया गया।

हवा में ही लक्ष्य बदलने की खासियत

स्पाइक चौथी पीढ़ी की मिसाइल है जो चार किलोमीटर तक लक्ष्य को सटीकता से भेद सकती है। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि स्पाइक एलआर ‘मारो और भूलो की क्षमता के साथ ही ‘दागो, देखो और फिर निशाना साधो (फायर, ऑर्ब्जव एंड अपडेट) तकनीक से भी लैस है। यह हवा में ही लक्ष्य बदलने की क्षमता से भी लैस है। इसे ऊंचे या कम ऊंचाई वाले परिपथ से दागा जा सकता है।

इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी कैंप के खिलाफ किया जा सकता है। भारत ने 240 स्पाइक मिसाइलों के लिए इजरायल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। बालाकोट में वायु सेना की कार्रवाई के बाद ही स्पाइक मिसाइल के लिए समझौता हुआ। भारतीय वायु सेना के बालाकोट ऑपरेशन के बाद स्पाइक टैंक मिसाइल का अधिग्रहण किया गया है। बालाकोट में सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर जैश के आतंकी शिविरों को तबाह किया था।

अब तक विश्व भर में 5000 से ज्यादा स्पाइक मिसाइलें दागी गई हैं। जिनमे से स्पाइक मिसाइल ने 95 फीसद लक्ष्य साधने में कामयाबी पाई है। स्पाइक मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद भारत इन मिसाइलों का इस्तेमाल करने वाला 33वां देश बन गया है।