भारतीय सेना ने इजरायल की स्पाइक मिसाइलों को अपने बेड़े में शामिल किया, जानिए इस ‘टैंक किलर्स’ के बारे में

Indian Army included Israeli spike missiles in its fleet

भारत अपने बेड़े में नए हथियारों को शामिल करके लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। इसी क्रम में अब भारतीय सेना में एक नई मिसाइल शामिल की गई है। यह इजरायल की स्पाइक मिसाइल है। आधुनिक तकनीक से निर्मित इस मिसाइल को “टैंक किलर्स” के नाम से भी जाना जाता है।

स्पाइक एक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है, जो एक शक्तिशाली हथियार के रूप में भारतीय सेना के बेड़े में शामिल हो गया है। इसका डिजाइन इजरायल की राफेल एडवांस्डर डिफेंस सिस्टिम ने तैयार किया है। यह अपने वार से दुश्मन के टैंकों को नष्ट कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इजरायल से स्पाइक मिसाइलों का पहला जत्था करीब 10 दिन पहले भारत पहुंचा था। इसमें 210 स्पाइक मिसाइलों के साथ-साथ भारतीय सेना के दर्जनों लॉन्चर्स शामिल हैं। गौरतलब है कि इसी साल 26 फरवरी को बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना ने इन स्पाइक मिसाइलों को खरीदने की मंजूरी दी थी। भारतीय सेना में इस हथियार की शक्ति से, पाकिस्तान अब कांप जाएगा, क्योंकि भारत के पास अब वह हथियार है जो पश्चिमी हिस्से में पाकिस्तान के बढ़ते टैंकों को आसानी से नष्ट कर सकता है।

इस स्पाइक मिसाइल की मारक क्षमता चार किलोमीटर तक है। इसे महज 30 सेकेंड में लॉन्च किया जा सकता है। जबकि यह मिसाइल रिले के लिए सिर्फ 15 सेकंड में तैयार हो सकती है। यह मिसाइल रात के अंधेरे में भी दुश्मन का पता लगा सकती है और निशाना बना सकती है। भारत ने इजरायल से करीब 280 करोड़ रुपये में ये मिसाइलें खरीदी हैं।

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल तो स्पाइक मिसाइलों का एक ही जत्था मंगवाया गया है। अगर डीआरडीओ अगले साल तक स्वदेशी ऐंटी-टैंक मिसाइल नहीं बना पाता है तो फिर और इजरायली स्पाइक मिसाइलों का ऑर्डर दिया जा सकता है।

क्या होता है ATGM?

यह ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल होती है जो उच्च तकनीक से बने आर्म्ड टैंकों को भी ध्वस्त कर सकती है। यह तीन तरह की होती है: मैन पोर्टेबल, माउंट मिसाइल और तीसरी हेलिकॉप्टर माउंट मिसाइल।

कई देशों के पास हैं ये मिसाइल

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की ही बात करें तो तो अमेरिका के पास वर्तमान में FGM-148 Javelin, रूस की सेना के पास 9M133 Kornet, जर्मनी की आर्मी के पास PARS 3 LR, ब्रिटेन के पास Brimstone missile इसी श्रेणी की एंटी टैंक मिसाइल हैं।

गौरतलब है की पाकिस्तारन से हमले की आशंका के मद्देनजर भारत इसका जवाब देने की तैयारी में जी-जान से जुटा है। इसी के तहत सेना को अत्या धुनिक बनाने की कवायद लगातार चल रही है। फिर बात चाहे सेना में शामिल राफेल लड़ाकू विमानों की हो या पनडुब्बीय आईएनएस खंडेरी की हो या फिर रूस से मिलने वाली एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टाम की, सभी इसकी ही एक कड़ी हैं।