जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना ने किया ये कारनामा

भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में 43 गुडविल स्कूलों का संचालन करती है, ज्यादातर स्कूल जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज के इलाकों में हैं। जम्मू-कश्मीर में आर्मी के गुडविल स्कूल के सारे बच्चे सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में पास हुऐ हैं। इनमें से तीन स्कूल ऐसे हैं जो CBSE के साथ संबद्ध हैं।

CBSE_GoodWill_School

भारतीय सेना ने बताया की सीबीएसई की परीक्षाओं में जम्मू-कश्मीर के आर्मी गुडविल स्कूलों के सभी बच्चे पास हो गए हैं। इन स्कूलों का पासिंग परसेंटेज 100% रहा है।

रजौरी जिले के हित्ताम अयूब ने इन गुडविल स्कूलों के छात्रों के बीच टॉप किया है

रजौरी जिले के हित्ताम अयूब ने इन गुडविल स्कूलों के छात्रों के बीच टॉप किया है. उन्हें 94.2% अंक मिले हैं।

Rajouri_Goodwill_School

सीबीएसई का रिजल्ट इसकी वेबसाइटों cbseresults.nic.in और cbse.nic.in. पर सोमवार की दोपहर जारी किया गया था।

सीबीएसई की 10वीं की परीक्षाएं भारत और दुनिया के कुल मिलाकर 4974 सेंटरों पर कराई गई थी।

सीबीएसई की 10वीं की परीक्षाएं भारत और दुनिया के कुल मिलाकर 4974 सेंटरों पर कराई गई थी। इन परीक्षाओं में भारत और दुनिया के कुल 19298 स्कूल शामिल थे।

आर्मी के गुडविल स्कूलों की शुरुआत 1998 में मात्र 4 प्राइमरी स्कूलों के साथ हुई थी।

आर्मी के गुडविल स्कूलों की शुरुआत 1998 में मात्र 4 प्राइमरी स्कूलों के साथ हुई थी। अब आर्मी की उत्तरी कमांड यहां पर 43 स्कूलों का संचालन कर रही है। इन स्कूलों का संचालन सद्भावना नाम के एक प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया जाता है।

आर्मी के इन गुडविल स्कूलों में जम्मू-कश्मीर के 15,000 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है

आर्मी के इन गुडविल स्कूलों में जम्मू-कश्मीर के 15,000 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। साथ ही इन स्कूलों में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को मिलाकर कुल 1000 कर्मचारी काम करते हैं।

आर्मी हमेशा इन स्कूलों में शिक्षा की नई पद्धतियों को शामिल करने का प्रयास करती है।

आर्मी हमेशा इन स्कूलों में शिक्षा की नई पद्धतियों को शामिल करने का प्रयास करती है। यहां डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक लैब, अच्छी लाइब्रेरी और बेहतरीन खेलों की सुविधाएं दी गई हैं।

Army_Goodwill_School

आर्मी के इन गुडविल स्कूलों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के लिए अच्छे नागरिकों को तैयार करना है ताकि वे आगे चलकर जम्मू-कश्मीर के विकास में योगदान कर सकें। भारतीय सेना की इस विशिष्ट सफलता के लिए सेना के प्रयासों की देशभर में सराहना हो रही है।