घाटी में आतंकियों के लिए महाकाल बनी भारतीय सेना

दुनिया का स्वर्ग यानी कश्मीर जहां चंद साल पहले बम के धमाके सुनाई देते थे, या आतंकियों  के कत्लेआम के किस्से गूंजते थे वहां आज इसके उल्ट आतंकियों के जहन्नुम पहुंचने की खबरे आती है। ये सब इस लिये हुआ है क्योकि अब वहां अमन कायम करने के लिए फौज को खुली छूट मिली है। जिसके चलते साल भर के भीतर ही अभी तक फौज ने 100 से अधिक आतंकियो को जहन्नुम पहुंचा दिया है।

घाटी से हो रहा आतंक का खात्मा

घाटी में अमन कायम करने के लिए जहां मोदी सरकार जोरो के साथ विकास कार्यो को पूरा कर रही है, तो घाटी में आंतक का मंसूबा रखने वाले पाक परस्त आतंकियों को फौज ठिकाने लगाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रही है। तभी तो हर दिन सेना आंतकियो को ढ़ेर करने में लगी है। सेना की माने तो 6 महीने के भीतर अभी तक 100 से अधिक आतंकियो को मार गिराया गया है। सुरक्षाबलों द्वारा हर दिन कम से कम एक दर्जन आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जाते हैं और जहां कहीं भी सही सूचना होती हैं, वहां जमीनी स्तर पर संयुक्त अभियान शुरू होता है। मगर यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि आम लोगों को कोई क्षति ना हो इसको ध्यान में रखकर आतंक के खातमे के लिए अभियान चलाया जाता है। जिसका असर ये देखा जा रहा है कि पाक परस्त आतंकियों की पूरी तरह से कमर घाटी में टूट चुकी है। और इस बात को उनके आका पाकिस्तान में बैठकर भी मान रहे है कि आज मोदी सरकार में फौज को बड़ी ताकत दे रखी है जिससे कश्मीर में वो कमजोर हुए है.

4 महीने में 4 आतंकी संगठन के कमांडर हुए ढ़ेर

जम्मू कश्मीर में पहली बार सुरक्षा बलो के जरिए ऐसा किया गया है कि पिछले चार महीने के भीतर ही कश्मीर के अलग अलग इलाको से 4 बड़े आंतकी संगठनो के प्रमुख को सेना ने निशाना बनाया और उनको ढ़ेर किया। इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और अंसार गजवात-उल हिंद के कमांडर अलग-अलग एनकाउंटर में ढेर किए गए हैं जो सुरक्षा बलो के लिए एक बड़ी सफलता है। हालाकि इसके बाद भी कयास ये लगाया जा रहा है कि कश्मीर में करीब 200 आतंकी अभी भी छुपे हुए है। जिनकी तलाश फौज तेजी के साथ कर रही है। लेकिन इतना तो तय है कि जिस तरह से फौज घाटी में आतंक का सफाया करने में लगी है उससे कही न कही आतंकियों के हौसले पस्त हुए है। इसके बावजूद भी हमे सचेत रहना चाहिये क्योकि इनका कोई भरोसा नही कि ये कब धोखे से हमला कर दे।

हालाकिं भारतीय फौज ने भी लगता यही है कि अब कसम खा ली है कि वो दुनिया के स्वर्ग से आतंक का खात्मा करके ही दम लेगे। ऐसे में पाकिस्तान को भी समझ लेना चाहिये कि वो अब घाटी में आतंकी भेजना बंद करे वरना आतंकियों के साथ अब फौज सीमा पार करके उनसे भी निपटने के लिए तैयार रहती है। ऐसे में हम तो यही बोलेगे कि आतंक का रास्ता छोड़ के अमन की राह में पाक चले जिससे दुनिया के स्वर्ग कश्मीर में अमन कायम हो सके और कश्मीर के लोग प्यार के साथ अपना जीवन गुजार सके। वैसे इसके लिए मोदी सरकार ने पहल कर दी है। अगर पाक नही मानेगा तो मोदी सरकार उसे ठीक करके घाटी को फिर से स्वर्ग बनाने का काम तो जरूर करेगी।