कोरोना से जंग को तैयार भारतीय सेना

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कोरोना के बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर भारतीय सेना ने इस से लड़ने की रणनीति पे काम शुरू कर दिया है तथा इसमे सफ़लता भी प्राप्त की  है | देश के अस्पतालों मे बेड की संख्या कम पड रही है | ऐसे मे आम जनता के बीच पैनिक को रोकने के लिये सेना ने अपने अस्पतालों मे बेड का इंतजाम किया है | इसके अलावा सेना के बहुत सारे डॉक्टर भी आम जनता के इलाज के लिये उपलब्ध रहेंगे |

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने रक्षा मंत्री से की बातचीत

बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री को कोरोना से निपटने के लिए सैन्य बलों की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। सीडीएस जनरल रावत ने रक्षा मंत्री को बताया कि कोरोना वायरस से पीड़ितों के इलाज के लिए 9,000 से ज्यादा हॉस्पिटल बेड की व्यवस्था की गई है।

सेना प्रमुख ने भी रक्षा मंत्री को दी अहम जानकारियां 

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने रक्षा मंत्री को जानकारी दी है कि 8,500 से ज्यादा डॉक्टर और सपोर्ट स्टाफ कोरोना की महामारी का मुकाबला करने को तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी तो इनकी सेवाएं आम नागिरकों के लिए भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने जानकारी दी की नेपाल को जल्द ही कोरोना से निपटने के लिए मदद पहुंचा दी जाएगी।

वायुसेना प्रमुख से मिले रक्षा मंत्री 

वायुसेना प्रमुख चीफ एयर मार्शल आर के एस भदौरिया ने रक्षा मंत्री को बताया कि देशभर में अलग-अलग उड़ानों के जरिए 25 टन मेडिकल से जुड़े सामान पिछले 5 दिनो में पहुंचाए गए हैं। चीफ एयर मार्शल ने रक्षा मंत्री को बताया कि कोरोना को देखते हुए ऐहतियात बरतते हुए वायुसेना के जरूरी ऑपरेशनल काम जारी हैं।

सेना के एक डॉक्टर भी कोरोना ग्रसित 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही सेना के एक डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसके संपर्क में आए 30 सैन्य अफसरों को क्वारंटीन किया गया है, ऐसे में रक्षा मंत्री को कोरोना पर ब्रीफिंग काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 


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