कोरोना के खिलाफ जंग मे भारतीय वायु सेना का ट्रम्प कार्ड

दुनिया भर की सरकारें इस समय कोरोना से निपटने मे लगी हैं | सारी देशों की सेनाएं भी इस संकट के समय अपने देश की सरकारों का साथ दे रही हैं | भारत मे भी तीनों सेनाएं अपनी तरफ से इस महामारी को हराने की पूरी कोशिश कर रही हैं |

ऐसे समय मे एक योद्धा जो इस लड़ाई मे भारतीय वायु सेना का सबसे ज्यादा साथ दे रहा है वो है  सी-17 ग्लोबमास्टर (C-17 Globemaster) विमान, जो विदेशों से भारतीयों से लाने में लगा हुआ है और अभी भी किसी भी मुश्किल परिस्थिति से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है।

ईरान से लाया था भारतीयों को

कोरोना वायरस के शुरुआती दौर में चीन के अलावा ईरान की हालत भी सबसे बुरी थी, जहां पर बहुत सारे भारतीय फंसे हुए थे। 10 मार्च को ये विमान ईरान से 58 भारतीयों को लेकर भारत आया था। इनमें 31 महिलाएं और दो बच्चे थे। कोरोना से जंग में ग्लोबमास्टर एक अहम भूमिका निभा रहा है।

मेडिकल सामान की कर रहा आपूर्ति

कोरोना वायरस से जंग में ग्लोबमास्टर विमान ना सिर्फ लोगों के निकालने काम कर रहा है, बल्कि जरूरी मेडिकल सामान पहुंचाने में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में ग्लोबमास्टर विमान में क्रू, मेडिकल टीम और सपोर्ट स्टाफ ने 15 टन मेडिकल सप्लाई चीन पहुंचाई थी।

चीन से लाया 125 लोगों को

मेडिकल सप्लाई के बाद जब ग्लोबमास्टर वापस देश आ रहा था, तो वह अपने साथ 5 बच्चों समेत 125 लोगों को भी बचाकर लाया। इसमें भारतीय नागरिक तो थे ही, कुछ विदेशी नागरिक भी थे, जिन्हें उनके देश की तरफ से या तो निकालने से मना कर दिया गया, या किसी वजह से निकालने में देरी हो रही थी।

विदेशों में ग्लोबमास्टर की धूम

ऐसा नहीं है कि कोरोना से जंग में सिर्फ भारत में ही ग्लोबमास्टर हीरो बना हुआ है, बल्कि विदेशों में भी ग्लोबमास्टर की खूब तारीफ होती है और वह मदद के काफी काम आता है। इटली में हालात बेहद खराब होने की वजह से अमेरिका ने वहां काफी सारी मदद सामग्री भेजी थी, जिसके लिए ग्लोबमास्टर विमान का ही इस्तेमाल किया था।

ग्लोबमास्टर की खासियत भी जान लीजिए

यह बेहद गर्म और ठंडे माहौल में उड़ सकता है। ये सिर्फ विमान नहीं, बल्कि हथियार है, जिसमें मिसाइल तक होती है। ऊंचे पहाड़ों में ये विमान बड़े आराम से उड़ सकता है और छोटी सी हवाई पट्टी पर भी उतर सकता है। इसमें एक साथ करीब 188 लोग बैठ सकते हैं। काफी छोटे रनवे पर भी ये विमान उड़ान भर सकता है। अमेरिकी सेना इराक से अफगानिस्तान के बीच आतंकवाद के खिलाफ जंग में इस विमान का इस्तेमाल करती है। भारत, अमेरिका, चीन और रूस जैसे देश ही इस महाकाय विमान का इस्तेमाल करते हैं।