विश्व पटल पर भारत का तिंरगा फिर लहराया: यूएन के मानवधिकार परिषद में सबसे ज्यादा वोट से भारत को मिली जीत

विश्व मे भारत की बढ़ती साख मे उस वक्त एक और तमगा लग गया जब भारत मानव अधिकार परिषद मे सबसे अधिक वोटो के साथ जीत हासिल की।एशिया पसिफिक क्षेत्र कैटिगरी में भारत को 188 वोट मिले हैं, जो कि सभी कैंडिडेट्स में सबसे ज्यादा है।

193 सदस्यों की यूएन जनरल असेंबली ने नए सदस्यों के लिए चुनाव किया था। गुप्त चुनाव के जरिए 18 नए सदस्य पूर्ण बहुमत से चुने गए हैं। किसी भी देश को यूएनएचआरसी का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम 97 वोट की जरूरत होती है। लेकिन भारत ने इससे कही अधिक वोट हासिल किये। वही इस कैटगिरी मे भारत के साथ साथ बहरीन, बांग्लादेश, फिजी, औऱ फिलिपिंस भी चुनाव मे हाथ अजमा करे थे।

दुनिया में हमारी स्वीकार्यता सिद्ध: अकबरुद्दीन

यूएन में भारत के राजदूत और स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि भारत की जीत अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी स्वीकार्यता को प्रदर्शित करता है। चुनाव में भारत की जीत के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक अच्छे उद्देश्य के लिए वोटिंग। यूएन में हमारे सभी साथियों का समर्थन के लिए धन्यवाद। भारत ने मानवाधिकार परिषद की सीट सभी कैंडिडेट्स के बीच सबसे ज्यादा वोट हासिल करते हुए जीती है।’

योग पर भी भारत को मिला था अभूतपूर्व समर्थन

जिस तरह भारत को मानव अधिकार परिषद मे शामिल होने के लिये हुई वोटिंग मे आभूतपूर्व समर्थन मिला था ठीक उसी तरह मोदी सरकार केदौरान ही योग दिवस को समूचे विश्व का समर्थन मिला था। संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 177 से अधिक देशों, कनाडा, चीन और मिस्र आदि ने समर्थन किया था। गौरतलब है कि 193 देश सयुक्त राष्ट्र के सदस्य है।

 

अंतरराष्‍ट्रीय न्यायालय मे जज के चुनाव मे जब लहरा था तिरंगा

इसी तरह भारत को अंतरराष्‍ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश के चुनाव मे भी एक अप्रत्याशिक जीत हासिल हुई थी जब भारत ने ब्रिटेन को हराया था। नीदरलैंड के हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भारतीय जज दलवीर भंडारी ने बाजी मारी थी.जस्टिस दलवीर भंडारी को जनरल एसेंबली में 183 मत मिले थे जबकि सिक्योरिटी काउंसिल में जस्टिस भंडारी को 15 मत मिले थे।भंडारी का मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था और उन्हे हराकर भंडारी दूसरी बार अतंराष्ट्रीय अदालत के जज बन गये थे। .भारत के लिये ये मुकाबला काफी खास रहा था क्योकि अंतर्राष्ट्रीय अदालत के पांचवे जज का मुकाबला बेहद दिलचस्प था। हर पल नए-नए मोड़ आ रहे थे। 11वें मुकाबले तक जस्टिस दलबीर भंडारी जनरल एसेंबली में तो आगे थे मगर सिक्योरिटी काउंसिल में उनके पास क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से कम वोट थे। लेकिन 12वें दौर में हार सामने देखते हुए ब्रिटेन के उम्मीदवार ग्रीनवुड मैदान से हट गएऔर भारत ने चुनाव जीत कर तिंरगा लहराया। गौरतलब है कि सयुक्त राष्ट्र संघ का ये एक महात्वपूर्ण अंग है।

चैंपियन ऑफ द अर्थ से जब पीएम को नवाजा गया

इसी तरह पीएम मोदी को यूएन ने पर्यावरण सरक्षण के लिये जब चैपिंयन ऑफ अर्थ से नवाजा था तो सारे देश का सिर फक्र से ऊचा हो उठा ता पीएम मोदी को ये सम्मान अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के संबंध में उनके प्रयासों और पर्यावरण कार्रवाई पर सहयोग बढ़ाने के लिए नीति नेतृत्व श्रेणी के तहत दिया गया था।

यानी की विश्व का नजरिया अब भारत को देखने मे बदला है। और ये सब कुछ हुआ है तो पीएम मोदी के चलते क्योंकि विश्व मे उन्होने भारत की तस्वीर ही कुछ इस तरह रखी कि भारत का लोहा समूचा विश्व मानने लगा है।