ड्रैगन को अब संमदर में घेरेगा भारत

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लद्दाख की जमीन के बाद अब ड्रैगन पर समंदर पर भी नकेल कसने की तैयारी में भारत जुट चुका है। जिसके चलते पहली बार हिंद महासागर में स्थिति मालाबार में दुनिया की चार बड़ी शक्तियां नौसैनिक युद्धाभ्यास करने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार अनौपचारिक रूप से बने क्वॉड ग्रुप को सैन्य मंच पर देखा जाएगा। इसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ जापान और अमेरिका शामिल हैं। अभी तक भारत ने ऑस्ट्रेलिया को इससे अलग रखा था लेकिन लद्दाख में सीमा पर चीन की हरकत को देखते हुए उसे भी बुलाने का प्लान बनाया गया है।

चीन को जाएगा कड़ा संदेश

वैसे चीन लगातार भारत के आगे झुक रहा है गलवान घाटी हो या दूसरे इलाके हर इलाके से वो सेना पीछे हटा रहा है। लेकिन इसके बाद भी मोदी सरकार इस बार ड्रैगन पर रहम खाने वाली नही इसलिये ही मोदी सरकार ने चीन को सख्त संदेश देने के लिए इस अभ्यास में अस्ट्रेलिया को बुलावा भेजने का प्लान बनाया है। वैसे भारत ने 2017 में ऑस्ट्रेलिया को इसमें शामिल करने से यह सोचते हुए रोक दिया था कि पेइचिंग इसे Quad के सैन्य विस्तार के तौर पर देख सकता है लेकिन सीमा पर बढ़ी तनातनी और चीन के आक्रामक रवैये को देखते हुए आखिरकार भारत ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। जिससे चीन ये समझ सके कि भारत अबकी उसकी हिमाकत पर शांत बैठने वाला नही।

Quad को मजबूत करके चीन की लगाम कसने का प्लान

एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते तक ऑस्ट्रेलिया को औपचारिक रूप से निमंत्रण के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। मालाबार पहले एक सीमित नौसैनिक युद्धाभ्यास हुआ करता था लेकिन अब इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा है। इसके तहत हिंद महासागर में चीन के बढ़ते कदमों को रोकना एक बड़ा लक्ष्य है। जापान इससे 2015 में जुड़ा था। पहले भारत ने अपने सबसे बड़े ट्रेड-पार्टनर चीन के साथ अपने संबंध संतुलित रखने की कोशिश की और दूसरी ओर अमेरिका जैसे देशों के साथ भी संबंध मजबूत किए। रिपोर्ट में पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रह चुके जी. पार्थसार्थी ने कहा है, ‘चीन पर हमारे द्विपक्षीय आर्थिक प्रतिबंध जरूरी हैं लेकिन हमें याद रखना होगा कि चीन पर असर तभी डाला जा सकता है जब हम क्षेत्रीय और वैश्विक ताकतों के सहयोग से काम करें।’Quad को मजबूत न करने से चीन को ही फायदा होगा। उन्होंने कहा है कि जब तक चीन को अलग-अलग पक्षों से आए निर्देश का पालन करने के लिए राजी किया जाता है, तब तक इंडो-पैसिफिक रणनीति को पेइचिंग की ताकत के जवाब में इस्तेमाल करना होगा और Quad इसके केंद्र में होगा। उनका कहना है कि भारत को इस बारे में साफ समझना होगा कि उसका हित कहां है।

बहरहाल आकाश, जमीन और अब संमदर में चीन को घेरकर भारत ये साफ कर देना चाहता है कि अब भारत वो देश नही जो चुप रहता हो अब वो देश है जो करारा जवाब देकर दुश्मन का दम तोड़ देता है। फिर दुश्मन फिर कोई भी हो। ऐसे में चीन को समझ लेना चाहिए कि अगर वो भारत से पंगा लेगा तो आने वाले दिनो में उसका हुक्का पानी दुनिया में बंद हो जायेगा।


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