कड़ाके की ठंड में भी भारत नही छोड़ेगी LAC पर अपनी चौकियां

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चीन के मंसूबे को भापते हुए इस बार भारतीय सेना ने तय किया है कि वो सर्दियों में भी LAC पर अपनी चौकियों से पीछे नही हटेगे। इसके लिये सेना ने ईंधन, विशेष कपड़े, टेंट, खास भोजन जैसी चीज़ों की इतनी मात्रा एकत्र कर ली गई है जो अगले 14 महीने के लिए पर्याप्त है।वायुसेना के ग्लोबमास्टर  और आईएल 76 (IL 76) जैसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से रसद और दूसरा साजोसामान लगातार लेह एयरपोर्ट पहुंच गया है इनमें आर्कटिक टेंट, कमरा गर्म करने के लिए कैरो हीटर जैसी चीजें शामिल हैं जिनकी ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को आने वाली सर्दियों में जरूरत होगी।

ऊंचे पहाड़ों पर बनी चौकियों पर पहुंचाई गई रसद 

इन सामानों को फॉरवर्ड इलाकों तक जल्दी पहुंचाने के लिए पिछले साल वायुसेना में शामिल चिनूक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो एक बार में 10 टन तक वजन उठा सकता है। जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है वो है ईंधन, लेह स्थित सेना के फ्यूल डिपो के अंडर ग्राउंड टैंक में 4 लाख लीटर तक तेल भरा जा सकता है जो लगातार ऑयल टैंकरों के जरिए आ रहा है। इसे बैरलों में भरकर गाड़ियों के काफिले लगातार फॉरवर्ड लोकेशन तक जा रहे हैं। आर्मी सर्विस कोर के एक अधिकारी ने बताया कि राशन की हर चीज गोदामों में भरी हुई है और उसे आगे भेजा जा रहा है।फॉरवर्ड लोकेशन पर सर्दियों में किसी किस्म के राशन की कोई कमी नहीं होगी। क्योंकि ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को खासतौर पर सर्दियों में विशेष राशन की जरूरत होती है। जिनमें पर्याप्त मात्रा में पोषण होने के साथ वो खाने में रुचिकर हों। इनमें सूखे मेवे, चाकलेट्स, रेडी टू ईट खाने के पैकेट और सूखी मिठाइयां जैसी चीजें शामिल हैं।

1962 के बाद LAC पर पहली बार इतनी तैयारी

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर जिन रणनीतिक महत्व की पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने कब्जा कर मोर्चा जमाया है, वहां अगले कुछ हफ्तों में तापमान शून्य से 30-40 डिग्री तक गिर जाएगा। इसलिए सैनिकों को अगले 7-8 महीने तक रुकने के लिए खास टेंट की जरूरत होगी। भारतीय सेना की ऑर्डिनेंस कोर ने 16 सैनिकों के सोने के लिए पर्याप्त ऐसे टेंट भेजे हैं। जिनके अंदर सोलर एनर्जी और कैरो हीटर्स से तापमान आरामदायक बना रहेगा। ऐसे टेंट शून्य से 20 डिग्री नीचे तक के तापमान पर सैनिकों को सुरक्षित और आरामदायक रुकने की जगह मुहैया कराएंगे। इससे ज्यादा सर्दी के लिए टैंट सुपर हाई एल्टीट्यूड भी सैनिकों को भेज दिए गए हैं। इन वाटरप्रूफ और रजाई जैसे कपड़ों से बने टैंट्स में 12 सैनिक शून्य से 50 डिग्री नीचे तापमान में आराम से रह सकेंगे। इस ऊंचाई पर हर सैनिक को सर्दी से बचकर अपना काम करते रहने के लिए कुल 21 आइटम दिए गए हैं। इनमें तीन लेयर के गर्म कपड़े, तीन लेयर के दस्ताने-मोजे और गर्म टोपी शामिल है। सैनिकों को फ्रॉस्ट से बचाने के लिए खास तरह के जूते भी दिए गए हैं।

इससे साफ हो जाता है कि चीन सिर्फ जंग की धमकी ही दे रहा है लेकिन भारत ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। कि अगर दुश्मन ने जरा सी भी गलत नजर भारत की सीमा की तरफ डाली तो उसे उसका करारा जवाब दिया जायेगा। ऐसे में चीन को जंग के रास्ते की बजाये शांति के रास्ते पर चलने पर ज्यादा सोचना चाहिये। जिससे इस इलाके में अमन कायम हो सके।


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