भारत झुकेगा नहीं हो गई: S-400 की डिलीवरी देखता रह गया अमेरिका !

भारत झुकेगा नहीं और ये बात अब दुनिया को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिये। तभी रूस यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका के ना नुकुर करने के बाद भी भारत यूक्रेन युद्ध और उसके चलते लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों के बीच रूस ने भारत को सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली एस-400 की दूसरी स्क्वाड्रन की समय से पहले आपूर्ति शुरू कर दी है।

पहली रेजिमेंट की वजह से इन क्षेत्रों में बढ़ी भारत की ताकत

S-400 की पहली रेजिमेंट को पंजाब और कश्मीर सीमा पर होने वाले किसी भी हवाई हमले की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैनात किया गया है। यहां पठानकोट के पास से होकर भारत को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला रास्ता गुजरता है। इसलिए पाकिस्तान ने हर लड़ाई में यहां पर भारी हमला किया था। गौरतलब है कि भारत ने 5 अक्टूबर 2018 को रूस के साथ लगभग 39,000 करोड़ रुपये में S-400 की 5 रेजिमेंट्स का सौदा किया था। S-400 की हर रेजिमेंट में 8 लॉन्चर्स होते हैं जिनमें से हर लॉन्चर एक बार में 4 मिसाइल फायर कर सकता है। यानी एक रेजिमेंट एक बार में 32 मिसाइलें फायर कर सकता है जिनकी रेंज 500 मीटर से लेकर 400 किमी तक होती है। S-400 एयर डिफेंस सिस्टम 600 किमी की दूरी से दुश्मन के किसी भी हवाई हमले को ट्रैक करना शुरू कर देता है और रेंज में आने पर उसे अचूक फायर से तबाह कर देता है।

भारत की सबसे कमजोर कड़ी है चिकन नेक

भारत के पूर्वोत्तर राज्य पतले सिलीगुड़ी कॉरीडोर से बाकी देश से जुड़े हुए हैं। यहां से चीन की चुंबी वैली  ज्यादा दूर नहीं है। इसलिए ये चिकन नेक भारत की सुरक्षा की सबसे कमजोर कड़ी है। वर्ष 2017 में चीन ने भूटान के डोकलाम  इलाके में आगे बढ़ने की कोशिश की थी जिसे भारत ने रोक दिया था। इसके बाद 72 दिन तक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने रही थीं। खबरों के मुताबिक चीन इस इलाके में अपनी ताकत दोबारा मजबूत कर रहा है और यहां से हवाई हमले का खतरा हमेशा बना हुआ है। ऐसे में ये मिसाइल चीन की हर नापाक कोशिश को अंजाम तक पहुंचे नही देगी।

खुद भारत भी इस बाबत समूची दुनिया को साफ कर चुका है कि वो अपनी सुरक्षा के  मुद्दे पर किसी के सामने नहीं झुकेगा और ये इसका एक सबूत है।