भारत मनी लांड्रिंग रोकने के लिये लंदन, हांगकांग में तैनात करेगा सीमा शुल्क खुफिया अधिकारी

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Stop money laundering

आये दिन मीडिया में मनी लांड्रिंग और तस्करी से जुडी ख़बरें आती है। अब मोदी सरकार व्यापार आधारित मनी लांड्रिंग तथा अन्य वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए खुफिया अधिकारियों की संख्या में और इजाफा करने जा रही है। भारत कालाधन पर अंकुश लगाने, व्यापार आधारित मनी लांड्रिंग तथा अन्य वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिये लंदन, हांगकांग, दुबई और ब्रसेल्स में खुफिया सीमा-शुल्क अधिकारियों को तैनात करेगा।

वित्त मंत्रालय ने इसके लिए अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों ने कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने विदेशों से व्यापार आधारित मनी लांड्रिंग तथा अन्य वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिये यह कदम उठाया है। डीआरआई सीमा शुल्क धोखाधड़ी तथा तस्करी रोकने की प्रमुख एजेंसी है। डीआरआई ने सीमा शुल्क के विदेशी गुप्तचर नेटवर्क(सीओआइएन-कॉइन) अधिकारियों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। चुने गए अधिकारियों को इन जगहों पर तैनात किया जाएगा। इन अधिकारियों को दुबई और हांगकांग में भारत के महावाणिज्य दूतावास में वाणिज्य दूत के रूप में और लंदन एवं ब्रसेल्स में भारतीय उच्चायोग में प्रथम सचिव के रूप में तैनात किया जाएगा।

डीआरआई ने बताया कि सीओआईएन अधिकारी को आम तौर पर अपनी तैनाती वाली जगह से प्राप्त खुफिया जानकारी या सूचना देने की जवाबदेही होती है ताकि भारतीय खुफिया एजेंसियों को व्यापार संबंधित धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिले। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सीओआईएन अधिकारी भारतीय एजेंसियों के साथ खुफिया जानकारी साझा कर व्यापारी आधारित मनी लांड्रिंग, काला धन तथा कर चोरी रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं।”

इससे पहले इस साल के शुरू में सरकार ने बीजिंग स्थिति भारतीय दूतावास तथा गुआनझाऊ में भारतीय महावाणिज्य दूतावास में सीओआईएन अधिकारी तैनात किये गए थे। सीओआईएन अधिकारी व्यापार आधारित मनी लांड्रिंग एवं विदेशों से चलने वाली अन्य वित्तीय जालसाजी पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चूंकि भारत और चीन के बीच उल्लेखनीय मात्रा में आयात और निर्यात किया जाता है, ऐसे में चीन में खुफिया सीमा-शुल्क अधिकारियों के नेटवर्क का विस्तार जरूरी है।

यह पहला मौका नहीं है जब तस्करी रोकने के लिये सीओआईएन अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और उन्हें बदलने की जरूरत है। फिलहाल तस्करी रोकने के लिये सीओआईएन अधिकारी नेपाल, सिंगापुर, ब्रसेल्स, अमेरिका तथा ब्रिटेन समेत कई देशों में तैनात हैं।

 


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