भारत-अमेरिका टू प्लस टू वार्ता: आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की जताई प्रतिबद्धता

India-US two plus two talks in Washington | PC - Twitter

मोदी सरकार भारत की मजबूती और सामरिक सुरक्षा के मुद्दे पर देश को मजबूत करने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहती है, इसी क्रम में अमेरिका के वाशिंगटन में कल भारत-अमेरिका के बीच टू प्लस टू की दूसरे दौर की वार्ता हुई। जिसमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ने सहित सामरिक सुरक्षा संबंधी अनेक विषयों पर चर्चा की गयी। वाशिंगटन में दूसरी टू-पल्स-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने आपसी संबंधों को 2020 में नये स्तर तक पहुंचाने की रूपरेखा तय की। दोनों पक्षों ने औद्योगिक सुरक्षा के एक समझौते पर हस्तांक्षर किये, जिसमें रक्षा तकनीक के हस्तां तरण की अनुमति दी गयी है। बैठक में अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्प‍र ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वार्ता की। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पर भी चर्चा हुई।

इस मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए चिंता का विषय है। और दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है साथ ही उन्होने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार काफी तेजी से बढ़ा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की और दोनों देशों की बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी है। साथ ही उन्होने कहा कि पिछली टू प्लस टू वार्ता के अच्छे नतीजे दिखने लगे हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देशों के मिलकर काम करने पर ज़ोर दिया। बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ट्वीट किया, 2019 में दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ। हम इन संबंधों की कामयाबी की समीक्षा कर इन्हें आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

USIndia 2+2 Ministerial Talks | PC - twitter

दोनों देश जापान जैसे समान विचार वाले देशों के साथ हिंद प्रशांत क्षेत्र को शांतिमय बनाने और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तालमेल बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। वार्ता की समाप्ति के बाद दोनों देशों की संयुक्त प्रेस वार्ता में अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष, रक्षा और औद्योगिक सहयोग के नये समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। उन्होंने बताया कि अमरीका हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के भारत के दृष्टिकोण का सम्मान करता है।

टू-पल्स-टू बैठक को भारत और अमरीका के संबंधों की रफ्तार बनाए रखने में सार्थक और सफल बताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच औद्योगिक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने से भारत और अमरीका के निजी संगठनों के बीच वर्गीकृत प्रौद्योगिकी और सूचना का सुचारू हस्तांतरण सुगम हो जाएगा। पाकिस्तान पर श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी नेताओं का बड़बोलापन और आक्रामक बयान शांति के लिए अनुकूल नहीं हैं। इसको लेकर हमने अपनी चिंता भी जाहिर की है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत आपदा नियंत्रण की प्रभावी प्रणाली शुरू करने में अमरीका का संस्थापक सदस्य के रूप में स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि इससे प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी को और कारगर बनाया जा सकेगा।एच1बी वीजा धारकों की मजबूत पैरवी करते हुए श्री जयशंकर ने कहा कि भारत और अमरीका के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में दोनों देशों के लोगों का न्या यपूर्ण और भेदभावरहित आवागमन ने महत्वपूर्ण योगदान किया है।