मंदी के बावजूद भी कम नही होगी भारत के विकास की रफ़्तार

कोरोना के कारण पुरे विश्व मे आर्थिक मंदी आने की आशंका जताई जा रही है | ऐसे मे सबसे ज्यादा नुकसान विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को होगा | पर आईएमएफ के अनुसार भारत पर इसका असर सबसे कम रहने की सम्भावना है | दो देश- भारत और चीन में विकास दर पॉजिटिव रहेंगे। चीन की विकास दर का अनुमान 1.2 फीसदी और भारत की विकास दर का अनुमान सबसे ज्यादा 1.9 फीसदी जताया गया है। 2021 में चीन 9.2 फीसदी और भारत 7.4 फीसदी की दर से विकास कर सकता है।

कोरोना के खिलाफ एशियाई देशों का प्रदर्शन बेहतर

IMF के एक अधिकारी ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम की दिशा में एशियाई देश अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और ये देश तेजी से वापसी कर सकते हैं। आईएमएफ के निदेशक चांग योंग री ने कहा कि एशिया में कोरोना वायरस का असर हर क्षेत्र में होगा तथा गंभीर व अप्रत्याशित होगा। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘एशिया अभी भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर कर रहा है और तेज वापसी कर सकता है। एशिया की औसत वृद्धि दर अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक है।’

विकास दर में आएगी तेजी, लेकिन नुकसान की भरपाई जल्द नहीं

एशिया की वृद्धि दर 2021 में बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन इसका यह मतलब नहीं हुआ कि पूरे नुकसान की भरपाई तुरंत हो जाएगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट का एशिया पर असर होगा |
इससे पूरे 2021 के दौरान भी उत्पादन का स्तर महामारी के पहले के स्तर की तुलना में कम ही रह सकता है। हालांकि यह भी कहा गया है कि यह पूर्वानुमान काफी अनिश्चित हैं।

चीन की विकास दर 1.2 फीसदी रहने का अनुमान

आईएमएफ़ के अनुसार, एशिया के दो बड़े व्यापारिक भागीदार अमेरिका और यूरोप में छह प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत की गिरावट के अनुमान हैं। इस साल चीन की आर्थिक वृद्धि दर भी 2019 के 6.1 प्रतिशत से गिरकर 1.2 प्रतिशत पर आ जाने की आशंका है। आईएमएफ ने कहा कि कोविड-19 के कारण एशिया में उत्पादकता में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।

चीन ने 2008 की मंदी में GDP का 8 पर्सेंट राहत उपाय किया था

आईएमएफ़ ने कहा, ‘चीन ने पिछले वित्तीय संकट (2008-09) के दौरान जीडीपी के आठ प्रतिशत के बराबर के राहत उपाय किये थे, जिसके कारण 2009 में चीन की आर्थिक वृद्धि दर मामूली असर के बाद 9.4 प्रतिशत रही थी। हमें इस बार उस स्तर के राहत उपायों की उम्मीद नहीं है। चीन 2009 की तरह इस संकट में एशिया की वृद्धि दर को सहारा देने की स्थिति में नहीं है।’ आईएमएफ ने दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के लिये आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में क्रमश: 3.5 प्रतिशत और नौ प्रतिशत की कटौती की है।