भारत चीन के रिश्तों पर रक्षामंत्री के जवाब से दूर हो जानी चाहिए सब शंका

लोकसभा हो या फिर राज्यसभा चीन मुद्दे पर मोदी सरकार के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जिस तरह से अपनी बात रखी उससे कयास यही लगाये जा रहे है कि देश कि विपक्ष को जवाब मिल ही गया होगा। वही चीन की भी गलफहमी दूर हो गई होगी कि भारत सीमा पर क्या चाहता है। क्योकि रक्षामंत्री ने साफ कर दिया है कि भारत चीन के हर तरह से निपटने के लिए तैयार है फिर वो कूटनीति का क्षेत्र हो या जंग का मैदान।

लोकसभा में राजनाथ ने खोली थी चीन की पोल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार चीन की पोल खोली थी। राजनाथ सिंह ने लोकसभा में शुरू से पूरा घटनाक्रम समझाया था। उन्‍होंने कहा था, ‘अप्रैल माह से पूर्वी लद्दाख की सीमा पर चीन की सेनाओं की संख्या तथा उनके हथियार में इजाफा देखा गया। मई महीने के प्रारंभ में चीन ने गलवान घाटी क्षेत्र में हमारे सैनिकों के परंपरागत पैट्रोलिंग पैटर्न में रुकावट डाली जिससे फेसऑफ की स्थिति पैदा हुई। हमने चीन को डिप्‍लोमेटिक तथा मिलिट्री चैनल्‍स के माध्यम से यह अवगत करा दिया, कि इस प्रकार की गतिविधियां, यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास है। यह भी साफ कर दिया गया कि ये प्रयास हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।’ ठीक राज्य सभा में भी राजनाथ सिंह के तेवर कुछ इसी तरह के थे जहां उन्होने चीन को सीधे चेतावनी दी है कि अगर वो पीछे नही हटता है तो आने वाले अंजाम के लिए तैयार रहे।

चीन की कथनी और करनी’ में अंतर

इतना ही नही राज्यसभा में राजनाथ सिंह जी ने साफ कर दिया कि चीन की कथनी और करनी में अंतर साफ दिख रहा है। वो एक तरफ बातचीत कर रहा है तो दूसरी तरफ सीमा पर माहौल खराब बना रहा है। लेकिन देश को इस बाबत पूरी तरह से यकीन होना चाहिए कि फौज चीन के हर मंसूबे को खत्म कर रही है तो दूसरी तरफ चीन के आगे भारी भी पड़ रही है। इस पर सरकार फौज को पूरा साथ भी दे रही है। लेकिन जिस तरह से सरकार और फौज को लेकर कुछ लोग सवाल खड़ा कर रहे है वो चीन को बल और हमारे मनोबल को कमजोर कर सकते है ऐसे में उन्होने अपील की कि समूचा देश इस कठिन वक्त में फौज के साथ खड़ा हो। देश की सेना भारत के इंच इंच की हिफाजत करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रही है। ऐसे में सभी को ये ख्याल हटा लेना चाहिये कि चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा कर रखा है ऐसा कुछ नही है।

जिस तरह से रक्षामंत्री ने हर मुद्दे या यूं बोले कि हर उस सवाल का जवाब दिया जो बीते कई दिन से देश की मीडिया पर सरकार से किये जा रहे थे। लेकिन अब ऐसे सवाल सच में बंद होने चाहिये जो देश के रक्षा के मामलों को लेकर दुश्मन को फायदा पहुंचाये और शायद विपक्ष को भी ये बात अब समझ में आ जाना चाहिये कि वो एक जुट होकर चीन को करारा जवाब दे।