फिर दूसरों की मदद को आगे आया भारत, भारतीय रैपिड रेस्पॉन्स टीम कुवैत रवाना

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कोविड19 महामारी के बीच मेडिकल उपकरणों और दवाइयों के संकट का सामना कर रहे देशों की मदद में भारत दिनरात लगा हुआ। अमेरिका और ब्रिटेन जैसी महाशक्तियों के साथ ही विकासशील और आर्थिक रूप से कमजोर देशों तक भी भारत की मदद पहुंच रही है। इसी क्रम में भारत ने मध्य-पूर्व के देश कुवैत अपनी रैपिड रेस्पॉन्स टीम भेजी है जो वहां कोरोना से निपटने में उनकी मदद करेंगे। भारत खुद कोरोना से जूझ रहा है जहां अब तक 9152 केस की पुष्टि हो चुकी है और 308 लोगों को जान गंवानी पड़ी है।

कुवैत में मौजूद भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर लिखा, ‘कोविड19 से मिलकर लड़ रहे हैं। भारत की रैपिड रेस्पॉन्स टीम कुवैत पहुंच गई। जेबल अल अहमद हॉस्पिटल पहुंची है।’ मिशन ने बताया कि भारतीय टीम अस्पताल में अन्य स्टाफ से बात कर रही है और क्षमता निर्माण पर काम कर रही है।

पीएम नरेंद्र मोदी लगातार विश्वभर के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और कोरोना से निपटने में सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कुवैत के पीएम शेख अबा अल खालिद अल हमद अल सबा से बातचीत की थी और दोनों के बीच सहमति बनी थी कि अधिकारी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए लगातार संपर्क में रहेंगे साथ ही ऐसे क्षेत्रों की तलाश करेंगे जहां सहयोग बढ़ाया जा सके। इसके बाद 11 अप्रैल को मदद के लिए वायु सेना के विमान से मेडिकल टीम और उपकरण कुवैत भेजे गए थे। इस टीम में 15 डॉक्टर और अन्य हेल्थ स्टाफ मौजूद थे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ट्वीट कर जानकारी दी थी, ‘‘कोविड-19 पर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत के बाद भारत का त्वरित प्रतिक्रिया दल कुवैत पहुंचा। यह भारत और कुवैत के बीच मित्रता का प्रतीक है।’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे भारत ने शुरू से ही सभी देशों की मदद करने की नीति अपनाई है | प्रधानमंत्री मोदी सामूहिक विकास मे भरोसा रखते हैं | उनका मानना है कि जब सभी देश एक साथ विकास करेंगे तभी ये विकास महत्वपूर्ण होगा | यही कारण है कि दुनिया उन्हें ग्लोबल लीडर के रूप मे देखती है | 


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