भारत विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 14 पायदान चढ़कर 63 वें स्थान पर

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World Bank praises India

  • विश्व बैंक ने कहा, इस साल भारत की रैंकिंग में सुधार के मुख्य कारणों में से एक इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के सफल कार्यान्वयन के लिए जाता है।
  • 2013-14 की 142वीं रैंक के मुकाबले 6 साल में भारत ने 79 स्थान का सुधार किया

इकोनॉमी के मोर्चे पर भारत को एक अच्छी खबर मिली है। भारत में कारोबार करना अब और आसान हो गया है। मोदी सरकार द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयास को अब वर्ल्ड बैंक ने भी स्वीकार किया है। वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत की रैंकिंग 14 पायदान चढ़कर 63 वें स्थान पर पहुंच गई है। भारत लगातार तीसरी बार शीर्ष 10 सुधारक देशों की सूची में शामिल हुआ।

भारत पिछली रैंकिंग में 190 देशों में 77 वें स्थान पर था, एक साल पहले उसकी स्थिति की तुलना में 23 स्थानों का सुधार हुआ है।

नवीनतम रिपोर्ट में भारत और नौ अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं का नाम दिया गया है जिन्होंने आसानी से व्यवसाय करने में सबसे “उल्लेखनीय सुधार” दिखाया है। भारत के अलावा, इस वर्ष की शीर्ष 10 सुधारक देशों की सूची में सऊदी अरब (62), जॉर्डन (75), टोगो (97), बहरीन (43), ताजिकिस्तान (106), पाकिस्तान (108), कुवैत (83), चीन (31) और नाइजीरिया (131) है।

‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ के मायने

कारोबारी सुगमता यानी ये जानना कि किसी देश में कारोबार शुरू करना कितना आसान या मुश्किल है। मसलन, कारोबार शुरू करने में कितना समय लगता है, कोई बिल्डिंग बनानी है तो उसकी इजाज़त लेने में कितना वक़्त लगता है। विश्व बैंक ने अपने सर्वे में कहा है कि भारत ने कई आर्थिक मोर्चों पर सुधार किया है। नरेंद्र मोदी सरकार में हुए आर्थिक सुधारों के कारण भारत की स्थिति सुधरी है।

विश्व बैंक (World Bank) इस रैंकिंग को जारी करता है और इस रैंकिंग में 190 देश शामिल किए गए हैं. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में पहले स्थान पर न्यूजीलैंड, दूसरे स्थान पर सिंगापुर और तीसरे स्थान पर हांगकांग है। जापान को इस इंडेक्स में 29वां और चीन को 31वां स्थान हासिल हुआ है।

बता दें कि साल 2014 में इस रैंकिंग में भारत का स्थान 142वां था। केंद्र में मोदी सरकार (Modi Government) बनने के बाद कारोबार के क्षेत्र पर लगातार ध्यान दिया गया। कोई भी बिजनेस शुरू करने के लिए कानूनों को सरल बनाया गया। इसी का नतीजा है कि आज भारत इस रैंकिंग में बीते 5 सालों में करीब 50 फीसदी का सुधार के साथ आगे बढ़ रहा है।

नरेंद्र मोदी सरकार की प्रमुख Modi मेक इन इंडिया ’योजना की प्रशंसा करते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि इसने विदेशी निवेश को आकर्षित करने, निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने और देश की समग्र प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में मदद की है।

2015 में सरकार का लक्ष्य 2020 तक व्यापार रैंकिंग में 50 शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना था। मोदी प्रशासन के सुधार के प्रयासों ने डूइंग बिजनेस द्वारा मापा जाने वाले सभी क्षेत्रों को लक्षित किया, जिसमें करों का भुगतान करने, सीमाओं पर व्यापार करने और बीमाकरण को हल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश ने ऊंची छलांग लगाई है, इससे डूइंग बिजनेस 2016 में 130 से 63 की बिजनेस रैंकिंग करने में आसानी हो गई है।

वर्ल्ड बैंक में डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के डायरेक्टर सिमियोन जानकोव ने बताया की बिजनेस रैंकिंग में ऊपर ले जाने की प्रतियोगिता बढ़ेगी और अधिक कठिन हो जाएगी, फिर भी भारत अगले एक या दो वर्षों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के शीर्ष 50 में शामिल होने की ओर अग्रसर है।

ऐसे तैयार होती है रैंकिंग

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग के लिए कारोबार करने की आसान नीतियों के आधार पर सर्वे किया जाता है। किसी देश में कारोबार करना किताना आसान है या मुश्किल, ये बातें इस रैंकिंग में देखी जाती हैं। कारोबार करने के लिए कंस्ट्रक्शन परमिट, रजिस्ट्रेशन, लोन और टैक्स पेमेंट का सिस्टम वगैरह पर ध्यान दिया जाता है।

 


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