भारत बंद रहा बेअसर पर आंदोलनकारियों की गुड़ागर्दी से आम लोग हुए परेशान

कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था, लेकिन कुछ जगह को छोड़ दिया जाये तो हर जगह से भारत बंद बेहसर की ही खबरे सामने आई। हां ये जरूर है कि तथाकथित किसानों ने कुछ जगह लोगों को धमका कर तो कुछ जगह परेशान करके बंद को सफल बनाने की कोशिश की। इतना ही नहीं इन लोगों ने मानवता की हद तब पार कर दी जब कई जगह मरीज और सेना के वाहन को भी जाने से रोका। जिसके बाद आज समूचा भारत पूछ रहा है कि आखिर ये कैसा भारत बंद है।

Bharat Bandh Live News Updates: Amid Nationwide Protests, SKM Says  'Unprecedented Response'

भारत बंद के चलते लोग हुए परेशान

सियासत इतनी नीचे गिर सकती है ये शायद ही किसी ने सोचा होगा। सिर्फ मोदी सरकार को बदनाम करने के लिये कुछ तथाकथित किसान और उनका साथ दे रहे पर्दे के पीछे के सियासतदानो ने भारत बंद को सफल बनाने के लिये मरीजो को भी जाने नहीं दिया। इतना ही नही सीमाओं की रक्षा में जा रहे भारतीय सेना के वाहनो को भी इन लोगों ने रोक रखा। बाजार में जो दुकाने खुली थी उनपर दबाव बनाकर बंद करवाकर सिर्फ गुंडागर्दी ही करते हुए दिखाई दिये जबकि अधिकतर शहर हर रोज की तरह खुले और वहां पर काम धाम भी आम दिनो की तरह हुआ। हां ये जरूर है कि कई शहरों में लंबे जाम से लोग परेशान हुए। लेकिन ऐसा करने से आखिर हासिल क्या हुआ ये सवाल जनता भी आज सियासत कर रहे इन नकली किसानों से पूछ रही है क्योंकि जाम में आखिर घंटो तक फंसी तो वही रही है।

बातचीत से निकल सकता है बस हल

सही मायने में आज अगर आप गांव जाये तो किसान मोदी सरकार के कामों से उतना नाराज नहीं है जितना कि ये तथाकथित किसान बताने में लगे है। पिछले 70 सालों का हिसाब लगाया जाये तो साफ पता चलता है कि हर मामले में किसानो को जो फायदा मोदी सरकार ने दिया है वो कोई सरकार नहीं दे पाई है। लेकिन इसके बावजूद भी मोदी सरकार किसानों के और हित के लिये इन धरने पर बैठे किसानों से भी बात करने के लिये तैयार है, पर हठधर्मिता की हद पार कर चुके ये लोग पहले कानून वापस लेने की हठ लेकर बैठ गये है ऐसे में बातचीत का अवसर बहुत पीछे छूट जाता है। ऐसे में अगर सही मायने में किसी मसले पर हल निकालना है तो फिर थोड़ा हम झुके और थोड़ा वो झुके की सियासत अपनानी होगी जो देखने को नहीं मिल रही है।

खुद पीएम मोदी संसद में बोल चुके है कि कुछ आंदोलनजीवी लोग इस आंदोलन में आ गये है जो सिर्फ इसे जारी रखकर मीडिया में छाये रहना चाहते है। वही लोग सरकार किसान के बीच में बात खराब कर रहे है। पर मसला कोई भी हो इसका हल निकलना चाहिये क्योकि इससे दिक्कत तो आम लोगों को ही हो रही है।