दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के समूह की अध्यक्षता के लिए भारत तैयार

मोदी सरकार एक और इतिहास रचने जा रही है जिससे दुनिया में भारत का नाम और चमकेगा। मोदी कैबिनेट ने जी-20 सचिवालय स्थापित करने को  मंजूरी दे दी है, ताकि इस प्रतिष्ठित समूह की भारत की अध्यक्षता के लिये जरूरी व्यवस्था की जा सके। भारत 1 दिसंबर 2022 से लेकर 30 नवंबर 2023 तक जी-20 की अध्यक्षता करेगा। अध्यक्षता के इस कार्यकाल का समापन 2023 में भारत में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के साथ होगा। जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख मंच है, जो कि वैश्विक आर्थिक प्रशासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जी-20 सचिवालय फरवरी 2024 तक करेगा कार्य

जी-20 सचिवालय विदेश मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालयों,विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों और कार्यक्षेत्र से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया जाएगा। यह सचिवालय फरवरी 2024 तक कार्य करेगा। पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली एक शीर्ष समिति इस सचिवालय का मार्गदर्शन करेगी। इस शीर्ष समिति में वित्त मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री, और जी-20 वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री शामिल होंगे, जो कि भारत की जी-20 की अध्‍यक्षता को समग्र मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। जी-20 से संबंधित सभी तैयारियों की निगरानी के लिए एक समन्वय समिति भी गठित की जाएगी, जो इस शीर्ष रिपोर्ट करेगी। सितंबर 1999 में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने जी-20 का गठन एक अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर किया था। यह मंच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के साथ ब्रेटन वुड्स संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा के भीतर आने वाले व्यवस्थित महत्वपूर्ण देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत एवं सहयोग को बढ़ावा देता है। यह समूह अपने सदस्यों के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और कुछ मुद्दों पर निर्णय करने के लिए प्रमुख मंच है। इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है. जी-20 के नेता वर्ष में एक बार साथ मिलते हैं और बैठक करते हैं।

जी-20 दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों का संगठन

वहीं आपको बता दें कि जी-20 दुनिया के सबसे शक्तिशाली और प्रगतिशील देशों का एक संगठन है। ये मंच इंटरनेशनल इकॉनोमिक को-ऑपरेशन एवं ग्लोबल इकॉनोमिक गवर्नेंस में अहम भूमिका निभाता है। जी-20 सचिवालय को भारत की अध्यक्षता के मूल कार्यों के साथ-साथ ज्ञान, सामग्री, तकनीकी, मीडिया, सुरक्षा और लॉजिस्टिक से जुड़े तमाम कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। इस संगठन में दुनिया के सभी शक्तिशाली देश शामिल होते है।

एक तरह से ये बोला जा सकता है कि भारत अपने देश में विश्व के देशों के स्वागत के लिये अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ये तो सभी जानते है कि भारत की मेहमान नवाजी तो दुनिया में सबसे बेहतर और अलग होती है। क्योकि भारतीय संस्कृति में हम मेहमान को भगवान के बाराबर का दर्जा देते है और उनकी सेवा भी भगवान की तरह करते है।