भारत सबसे ज्यादा विदेशी निवेश वाले देशों में पांचवें नबंर पर पहुंचा

कोरोना काल में भी विदेशी निवेशकों की पहली पंसद भारत बना हुआ है जिसके चलते 2020 में भारत में 64 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भारत में हुआ है और भारत सबसे ज्यादा विदेशी निवेश वाले देशों में पांचवें नबंर पर पहुंच गया है।

भारत पांचवां सबसे बड़ा एफडीआई बाजार

2020 में भारत में 64 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया और विदेशी निवेश के लिहाज से उसका दुनिया में पांचवां स्थान रहा। यह बात संयुक्त राष्ट्र  की एक रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर  का प्रकोप आर्थिक गतिविधियों पर काफी गहरा था, लेकिन मजबूत बुनियादी तत्व मध्यम अवधि के लिए उम्मीद पैदा करते हैं कि भारत में आने वाला समय बिजनेस करने के लिए काफी अच्छा रहने वाला है। और इसी को देखते हुए देश में बाहर से निवेश आ रहा है। इसके साथ साथ मोदी सरकार की नीतियों का भी असर है कि विदेश के बिजनेसमैन भारत को एक बेहतरीन देश मान रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण देश में बिजनेस को लेकर कई तरह के टैक्स में छूट मिलती है तो विश्व में सबसे कम कारपोरेट टैक्स भी भारत में ही है।

भारत आया सैमसंग का डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

सैमसंग अपनी डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है। कंपनी वर्षों से चीन में अपने डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का संचालन कर रही है। हालांकि, सैमसंग ने अब अपनी डिस्प्ले प्रोडक्शन यूनिट को भारत में स्थानांतरित कर दिया है। कंपनी ने खुद एक प्रेस रिलीज के जरिए रिलोकेशन की पुष्टि की है। सैमसंग का नया कदम ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के लिए एक और सहायता होगी जो भारतीय धरती पर उत्पादों के निर्माण पर जोर देता है। इस कदम से भारत का बहुत फायदा होने वाला है। पहले से ही पीएम मोदी द्वारा घोषित ‘मेक इन इंडिया’ पहल से अवगत हैं जो उत्पादों के आयात को कम करने के लिए घरेलू व्यवसायों पर केंद्रित है। सैमसंग का ताजा कदम इस प्रोग्राम के लिए फायदेमंद होगा। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी खुलासा किया कि सैमसंग भविष्य में उत्तर प्रदेश को अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए नजर गड़ाए हुए है।

इस कदम से अब दूसरी कंपनिया भी भारत की तरफ रूख करेंगी जिससे देश में रोजगार के अवसर तेजी से आएंगे जो कोरोना काल में चले गये थे। यानी एक तरफ जहां देश में रोजगार के अवसर खुलेगे तो दूसरी तरफ हमारे दुश्मन मुल्क चीन में आर्थिक चोट भी पहुंचेगी। जो आने वाले दिनो में भारत के लिये फायदे का सौदा होगा।