स्टार्टअप के मामले में भारत तीसरे स्थान पर, 2019 में देश में शुरू हुए 1, 100 से ज्यादा स्टार्टअप

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India ranks third in terms of startup

मोदी सरकार का डिजिटल इंडिया अब धीरे-धीरे रंग ला रहा है, कारोबार करने में आसानी वाले देशों की रैंकिंग में जबर्दस्त उछाल के बाद अब भारत स्टार्टअप शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल के मामले में तीसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है। देश में 2019 में 1,100 से ज्यदा स्टार्टअप जुड़े और इसके साथ प्रौद्योगिकी स्टार्टअप की कुल संख्या पिछले पांच साल में बढ़कर 8,900 से 9,300 पहुंच गयी। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के संगठन नॉसकॉम ने मंगलवार को यह कहा।

नॉसकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा कि घरेलू स्टार्ट-अप इकोसिस्टम अगले 10 साल के भीतर 10 गुना रफ्तार के साथ बढ़ने की उम्मीद है, जो बेहद शानदार है। देबजानी घोष ने कहा कि 2014 में भारत के स्टार्टअप का वैल्युएशन 10 से 20 अरब अमेरिकी डॉलर था जो 2025 तक 350 से 390 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। उनके मुताबिक साल 2025 तक कुल नौकरियां 10 लाख से ज्यादा और इनडायरेक्ट नौकरियां 40 लाख से ज्यादा हो जाएंगी। घोष ने बताया कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की रफ्तार बेहतरीन है। अब भारत के पास मौका है कि वह सही सरकार और इंडस्ट्री के समर्थन के साथ 10 गुना की रफ्तार के साथ आगे बढ़े। घोष ने ये बात नॉसकॉम प्रोडक्ट कनक्लेव 2019 के 16वें सस्करण में मंगलवार को ‘इंडियन टेक स्टार्ट-अप इकोसिस्टम’ शीर्षक से अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कही।

बेंगलुरू है अव्वल

नॉसकॉम के अधिकारियों के अनुसार प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के मामले में बेंगलुरू अव्वल बना हुआ है। उसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का स्थान है। कुल स्टार्टअप में 12-15 प्रतिशत उभरते शहरों से आ रहे हैं जो महत्वपूर्ण चीज है। रिपोर्ट के हवाले से घोष ने कहा कि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप की संख्या पिछले साल 7,700 से 8,200 थी। इस साल 1,100 नये स्टार्टअप आयें.इस प्रकार कुल स्टार्टअप की संख्या 8,900 से 9,300 के दायरे में रही। पिछले साल फंडिंग 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी और इस साल फंडिंग 4.4 अरब डॉलर रहा। इस तरह फंडिंग में बढ़ोतरी हुई है।

देश में स्टार्ट अप के लिए अनुकूल माहौल बनाने का असर अब दिखने लगा है। तो अगर आप भी अपना कामकाज शुरू करना चाहते हैं तो यह सबसे बेहतर समय है।

 


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