FATF की ब्लैक लिस्ट में पाक के जाने की भारत ने कर दी पूरी तैयारी

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पुलवामा हमले पर आई NIA की चार्जशीट के बाद से पाकिस्तान की हालत खराब है, वो बैचेन है उसकी हालत इस वक्त एक तरफ कुआँ तो दूसरी तरफ खाई वाली हो गई है और ये इसलिए हो पाया है, क्योकि  भारत ने अब पाक की करतूत का एक और सच, जग के सामने रख दिया है। इसके साथ ही देशों को कर्ज देने वाली संस्था FATF में पाक को ब्लैक लिस्ट करने की ओर भारत कदम बढ़ा रहा है।

क्या काम करता है FATF?

FATF में यह सुनिश्चित किया जाता है कि संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग के साथ प्रतिक्रिया दी जाए। इसकी मदद से अथॉरिटीज अवैध नशीले पदार्थों, देह तस्करी जैसे कारोबार से जुड़े अपराधियों के पैसे को ट्रैक करती हैं। FATF बड़े स्तर पर बर्बादी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की फंडिंग रोकने के लिए भी काम करता है। FATF मनी लॉन्डरिंग और आतंकी फाइनैंसिंग तकनीकों को रिव्यू करता है और लगातार नए मानक बनाता है जिससे नए खतरों से निपटा जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि इन मानकों का पालन किया जाए और ऐसे देशों की जिम्मेदारी भी तय करता है जो मानकों का पालन नहीं करते हैं।

पाकिस्तान को मिल चुकी है चेतावनी

पाकिस्‍तान के खिलाफ जून 2018 से निगरानी बढ़ा दी गई थी और उसे 27 बिंदुओं पर काम करने के लिए कहा गया था। इसके तहत उसे टेरर फंडिंग और मनी लाउंड्रिंग पर ऐक्शन लेना था। हालांकि, अक्टूबर 2019 में हुई बैठक में सिर्फ 5 पॉइंट्स पर काम करने के लिए फटकारा गया। जब जून में इसकी फिर बैठक हुई तो पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने का ही फैसला किया गया। जिसके चलते पाकिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था बेहद नाजुक हालत में है। कोरोना वायरस की वजह से उसकी कमर और टूट गई है। उधर, नाराज सऊदी अरब ने अरबों डॉलर का कर्ज भी चुकाने को कह दिया है। ऐसे में अक्टूबर में होने वाली FATF की बैठक में अगर फिर से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रख दिया गया तो उसकी इकॉनमी को भयानक नुकसान होगा। वही ब्लैक लिस्ट में चले जाने के बाद पाकिस्तान को जो सहायता आर्थिक तौर पर थोड़ी बहुत मिल रही है वो भी बंद हो जाएगी जिससे पाक को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। भारत चाहता है कि पाक ब्लैक लिस्ट हो जाये जिससे वो आतंक को फंड नही कर पाएगा जिससे खुद बा खुद आतंक का नाश होगा।

पाकिस्‍तान का नाटक

पाकिस्तान ये बात अच्छी तरह से जानता है कि जिस तरह से पुलवामा हमले की चार्जशीट तैयार हुई है उससे उसकी आतंक को समर्थन देने की नीति का खुलासे को अब और बल मिला है। जिसके चलते पाक ने ब्लैकलिस्ट से घबराया पाकिस्तान आतंकियों को जेल भेजने का स्वांग भी रच रहा है। लाहौर हाई कोर्ट ने हाफिज सईद के तीन खूंखार सहयोगी को सजा दिलाने का पैंतरा दिखाया है। पाकिस्तान की एक कोर्ट ने जमात-उद-दावा के तीन आतंकियों को जेल की सजा सुनाई है, इनमें से हाफिज सईद के करीबी अब्दुल रहमान मक्की को सिर्फ डेढ़ साल जेल की सजा दी गई है, जबकी प्रोफेसर जफर इकबाल और अब्दुल सलाम को 16 साल की सजा दी गई है। इन पर आतंकवाद के प्रसार और फंडिंग का आरोप था।

मगर इमरान साहब ये भूल गये, कि 100 झूठ पर एक सच भारी होता है। ऐसे में भारत का एक सच विश्व समुदाय में पाक को नंगा करके दिखाएगा और पाक ब्लैक लिस्ट होने से नही बच पाएगा।


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