खुली रही बाजार भारत बंद करवाने वालों के साथ नहीं हिंदुस्तान

एक बार फिर इन लोगों की पोल खुल चुकी है जिनका काम भारत का विकास करना नहीं बल्कि सर्वनाश करना है। तभी वो कुछ दिनो में ही भारत बंद की अपील करते है लेकिन इस बार किसान आंदोलन के नाम पर जुड़े देश कि छवि खराब करने वाले लोगों को देस की जनता ने खुद जवाब दे दिया है। और साफ कर दिया है कि भारत बंद नही बल्कि तेजी के साथ आगे चलेगा।

दिल्ली में नहीं दिखा 'भारत बंद' का असर, मार्केट एसोसिएशन और किसान संघों में  नहीं हुई कोई बात - No effect of Bharat Bandh seen in Delhi market  association and farmers - AajTak

भारत बंद रहा बेहस

एक बार फिर किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं का भारत बंद समूचे देश में बेअसर रहा। वेसे लालकिले पर हुए कांड के बाद दिल्ली और आसपास पुलिस पहले से ज्यादा मुस्तैद रही लेकिन भारत बंद में नेताओं को आम लोगों का साथ नही मिला तभी सभी बाजारे पूरी तरह से खुली रही। जो ये बताता है कि किसान भी अब अच्छी तरह से समझ गया है कि केवल कुछ लोग अपनी सियासत चमकाने के लिये उन्हे मोहरा बना रहे है। वही मोदी सरकार किसानों के हित में लगातार बेहतर काम कर रही है। नये कानून से बी ये बात सब किसान को पता चल गया है क्योकि कुछ किसान नये नियम का फायदा उटा रहे है। और अपनी खेती का आच्छा पैसा कमा रहे है। उधर कुछ जगाहो पर सियासी दलो ने किसान नेता के रूप में रेल रूकने की कोशिश जरूर की लेकिन इसके बावजूद भी वो सफल न हो पाये और रेल यातायात पर भी भारत बंद का खासा असर नहीं पड़ा। यानी देस में समान्य जनजीवन देखने को मिला।

आंदोलजीवियों से जनता भी परेशान

किसान नेता जितना भी दम भरे कि जनता उनके साथ है लेकिन हकीकत अगर जमीन में उतरकर देखी जाये तो देश की जनता भी अब इस नेताओं को आंदोलनजीवी बुलाने लगी है। और खुलकर बोल रही है कि देश के कुछ सियासी पार्टी के उकसावे में ये लोग धरने पर बैठे है जबकि इसके उल्ट मोदी सरकार लगातार देशहित में काम कर रही है फिर वो किसान से जुड़ा सेक्टर हो या फिर कारोबार से जुड़ा सेक्टर हर तरफ मोदी सरकार आम लोगों के हित का ध्यान रख रही है। जिसका असर देश में दिख रहा है। आज विश्व में भारत की पहान एक शक्तिशाली देश के तौर में हो रही हऔर दुनिया भी मान रहा है कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

ऐसे नये भारत के विकास पर ब्रेक न लगे हमें ऐसे लोगो से सावधान रहना होगा जो देस में भारत बंद करके स्पीड धीरे करना चाहते है। क्योकि इन्हे देश से न पहले कभी कोई मतलब था और न ही आज ये तो सिर्प अपनी रोटिया सेकने की ही सोचते है. लेकिन इस बार जनता इनकी हवा निकाल के ही दम लेगी। ऐसा माहौल जरूर देश में बन रहा है।