कोरोना वायरस से छिड़े युद्ध में भारत ने उतारा ‘त्रिदेव’ का डोज

साल 2021 अब बस जाने वाला है लेकिन इससे पहले एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है जो समूचे दुनिया में मेक इन इंडिया की ताकत को तो दिखायेगी ही साथ में कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रोन से निपटने के लिए नये हथियार के तौर पर जानी जायेगी। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक ही दिन में इसके लिए 3 दवाइयों को मंजूरी दी है।

कोरोना से छिड़ी जंग में त्रिदेव की एट्री

ओमीक्रोन के कहर के बीच भारत ने कोरोना को हराने के लिये 3 दवाइयों के इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। ये सभी वैक्सीन और दवाई आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए मंजूर की गई हैं। भारत को एक और स्वदेशी वैक्सीन कोरबेवेक्स वैक्सीन मिल गई है। ये भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित आरबीडी प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है। ये वैक्सीन कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह देश में ही तैयार की गई है। इसे हैदराबाद स्थित फर्म, बायलॉजिकल-ई ने बनाया है। यह अब भारत में विकसित हुई तीसरी वैक्सीन है। एक अन्य वैक्सीन जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंजूरी दी है, वो भी देश में ही तैयार की गई है। इस वैक्सीन की खास बात है कि ये एक नैनोपार्टिकल वैक्सीन है। इस वैक्सीन का नाम कोवोवेक्स है। इसका निर्माण पुणे स्थित फर्म सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक एंटीवायरल दवाई को भी इमरजेंसी उपयोग की इजाज़त दी है, मोलनुपिरवीर, एक एंटीवायरल दवा है, ये दवाई अब देश में 13 कंपनियों द्वारा कोरोना के वयस्क रोगियों के इलाज के लिए आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए निर्मित की जाएगी और ये उन वयस्क रोगियों जो रोग की उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं उनके लिए उपयोग में लाई जाएगी।

देश में अब 7 वैक्सीन होगी उपलब्ध

देश में अब कुल सात वैक्सीन कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उपलब्ध हैं। चुनाव आयोग ने पांच चुनावी राज्यों में बची हुई योग्य आबादी के वैक्सीनेशन की रफ्तार और तेज करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि नई वैक्सीन आने के साथ ही आने वाले समय में वैक्सीनेशन की रफ्तार और भी तेज हो जाएगी। गौरतलब है कि 15 से 18 साल वाले 1 जनवरी से ‘कोविन’ पोर्टल पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। उनके लिए टीके का विकल्प केवल ‘कोवैक्सीन’ होगा। तीन जनवरी से बच्चों का कोविड टीकाकरण शुरू करने की तैयारी चल रही है।

वैसे देखा जाये तो दुनिया को देखते हुए जिस तरह से भारत ने कोरोना से निपटता है वो सराहनीय है क्योकि लगातार भारत इस लड़ाई में कोरोना पर भारी पड़ रहा है और दुनिया को ये भी दिखा रहा है कि अब भारत वो देस नहीं जो दूसरो पर मोहताज हो बल्कि खुद आत्मनिर्भर होकर इससे निपट रहा है।