यूएन में भारत ने पाक को लताड़ा, बताया-आतंक का सूत्रधार

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Paulomi_Tripathi

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की पहली सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने आज पाकिस्तान को उसके रवैये को लेकर लताड़ लगाई है। पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का मसला उठाने और हालिया नागरिक संशोधन कानून का जिक्र करने पर भारत ने तगड़ा पलटवार किया है। आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए पॉलोमी त्रिपाठी बोलीं- दुनियाभर में जहां भी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है, उसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों की संलिप्तता होती है। पाकिस्तान आतंकियों के लिए जन्नत जैसा है, जहां उन्हें पनाह मिलती है और वहीं उन्हें ट्रेनिंग भी मिलती है। अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण है कि पाकिस्तान आतंकियों का एक पनाहगार देश है।

पॉलोमी ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए उस पर राजनीतिक फायदे के लिए झूठा नैरेटिव सेट करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो पाकिस्तान ख़ुद की सरज़मी पर आतंकियों को पाल रहा है, वो दूसरे देशों की आंतरिक व्यवस्था पर बेवजह ही सवाल खड़े करता रहता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के परमानेंट मिशन में पहली सचिव पालोमी त्रिपाठी ने गुरुवार को महासभा में कहा कि “हमें तब और सावधानी की जरूरत है जब लोमड़ी मुर्गियों के पहरेदार हो।” पालोमी त्रिपाठी पाकिस्तान के प्रतिनिधि मुनीर अकरम के उस बयान पर जवाब दे रही थीं, जिसमें अकरम ने जम्मू और कश्मीर, आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किए जाने, नागिरकता संशोधन विधेयक, एनआरसी और अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले संबंधी भारत के आंतरिक मसलों को उठाया था।

पालोमी ने कहा कि पाकिस्तान दूसरे देशों के आंतरिक मामलों को लेकर निराधार आरोप लगा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आरोपों पर भारत का रुख बहुत ही स्पष्ट है और वह इन निराधार आरोपों को खारिज करती हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद पर पर्दा डालने वाले इन कपटपूर्ण दुष्प्रचारों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया है और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसा ही होगा।

कौन हैं पॉलोमी त्रिपाठी?

पॉलोमी त्रिपाठी ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए और एमफिल किया है। वो सेंटर फॉर स्टडी ऑफ रीजनल डेवलपमेंट में पढ़ाई किया करती थीं। साल 2006 में वो रेवेन्यू सर्विस में चुनी गईं और उसके बाद साल 2007 में फॉरेन सर्विसेज के लिए चुनी गई। मूल रूप से कोलकाता की रहने वालीं पॉलोमी का विवाह साल 2007 में हुआ और उनके पति दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं। वो शुरू से ही फॉरेन सर्विस में जाना चाहती थीं।

 


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