पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की बड़ी कामयाबी, क्लाईमेट चेंज इंडेक्स में भारत पहले 10 देशों में हुआ शामिल

 UN Climate Change Conference COP 25

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। भारत ने क्लाइमेट चेंज परफॉर्मेंस इंडेक्स (climate change performance index) में कई बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ पहली बार 57 देशों की लिस्ट में टॉप 10 में जगह बनाई है। मैड्रिड क्लाइमेट समिट में जारी हुई लिस्ट में भारत ने चीन और अमरीका को भी पीछे छोड़ दिया है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में ‘कॉप 25’ जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में मंगलवार को सीसीपीआइ रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब 9वें स्थान पर है। वहीं, पहले स्थन पर स्वीडन ने जगह बनाई है।

पाकिस्तान लिस्ट से बाहर

मैड्रिड की इस लिस्ट में चीन (China) 30वें स्थान पर है वहीं, USA सबसे आखिरी स्थान पर है। बता दें कि इस लिस्ट में पाकिस्तान को कहीं भी जगह नहीं मिली है। वहीं डेनमार्क, यूनाईटेड किंगडम और स्वीडन जैसे देश भी टॉप 10 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। केवल दो जी20 देशों ब्रिटेन (7वें) और भारत (नौंवे) को ‘उच्च’ श्रेणी में स्थान दिया गया है जबकि जी20 के आठ देश सूचकांक की सबसे खराब श्रेणी (बहुत निम्न) में बने हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया (61 में से 56वां), सऊदी अरब और खासकर अमेरिका खराब प्रदर्शन करने वाले देशों में हैं। अमेरिका पहली बार सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले देश में शामिल हुआ है।

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मैड्रिड में कहा है कि जलवायु परिवर्तन पर भारत ने ”जो कहा है, वह कर रहा है” और उसने अपनी जीडीपी के 21 फीसदी तक उत्सर्जन तीव्रता को कम किया है। उन्होंने कहा कि 2015 के पेरिस शिखर सम्मेलन में किए गए वादे के मुताबिक उत्सर्जन में 35 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए काम जारी है। जावडेकर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वास्तविक है। दुनिया ने इसे मान्यता दी है और इसने पेरिस में व्यापक समझौते को अपनाया। हम पेरिस समझौते को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करें और पीछे नहीं हटें।”

बता दें कि CCPI रैंकिंग 14 मानकों के आधार पर दी जाती है। जिन्हें चार कैटेगरी में बांटा गया है।

• ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन
• रिन्यूएबल एनर्जी
• एनर्जी यूज़
• क्लाइमेट पॉलिसी

दिलचस्प बात ये है कि इस सूचकांक में पहले तीन स्थान खाली हैं। इस साल जारी हुई CCPI की लिस्ट में कोई भी देश सभी मानकों पर खरा नहीं उतरा है, जिसके कारण इस लिस्ट में पहले तीन स्थान खाली हैं। चौथे पायदान से लिस्ट शुरु की गई है। जहां स्वीडन लिस्ट में टॉप पर है।

Climate Change Performance Index - PC Twitter

हालांकि, अपनी जलवायु नीति के प्रदर्शन के लिए उच्च रेटिंग के बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि भारत सरकार को अभी जीवाश्म ईंधन पर दी जा रही सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से कम करने के लिए रूपरेखा बनानी होगी। इसके परिणामस्वरूप कोयले पर देश की निर्भरता कम हो जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने जब से देश की बागडोर संभाली है, दुनिया भर में देश की साख मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। मोदी राज में पिछले पांच वर्षों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की तमाम रैंकिंग में सुधार हुआ है।

पिछले पांच वर्षों में भारत की कुछ अहम उपलब्धियां :

• विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में चार पायदान की छलांग
• मानव विकास सूचकांक में भारत की एक स्थान की छलांग
• वैश्विक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक में 17 पायदान की छलांग
• विश्व यात्रा पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक में छह पायदान की छलांग
• भारत की ईज ऑफ ट्रैवल रैंकिंग में सुधार
• ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में भारत 63वें स्थान पर
• ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में टॉप पर भारत
• विश्व में सबसे तेजी से विकास करने वाले टॉप 10 शहरों में सभी भारत के