चीन सीमा तक भारत जल्द बिछाने जा रहा है रेल लाइन

कुछ लोग देश में हैं जो सिर्फ चीन के गुणगान ही गाते दिखाई देते हैं। वो मोदी सरकार से हमेशा सवाल करते रहते हैं कि चीन अपनी तरफ नये नये पुल बना रहा है और हम क्या कर रहे हैं।  सबसे मजे कि बात ये है कि ये वो पूछ रहे हैं जो सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहे लेकिन दूसरे तरफ मोदी सरकार ने जहां चीन सीमा तक नई सड़कों का निर्माण किया है तो अब ट्रेन लाइन भी वहां पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।

भारत-चीन सीमा तक रेल लाइन पर काम जल्द होगा शुरू

केंद्र सरकार भारत-चीन सीमा पर स्थित नाथू ला तक रेल लाइन बिछाने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना के लिए समीक्षा का काम जल्द शुरू होगा। इस बार के रेल बजट में इस परियोजना पर खास जोर दिया गया है। समीक्षा के पहले चरण का काम इसी साल अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बंगाल के सेवक से सिक्किम के रंगपो तक रेल लाइन बिछाने का काम अगले साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल रेल बजट में इस परियोजना के लिए 2,500 करोड़ रुपये अनुमोदित किए गए हैं। गौरतलब है कि डोकलाम में चीन की सैन्य गतिविधि के बाद ही बंगाल के हाशिमारा में युद्धक विमान राफेल को लाकर तैनात किया गया था। सीमा पर तैनात भारतीय सेना तक उनकी जरुरत के सारे सामान तेजी से पहुंचाने के लिए और रेल मार्ग तैयार करने की जरुरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सिक्किम व नाथू ला तक रेल सेवा शुरू होने से वहां पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सेवक तीस्ता सेतु का नए सिरे से निर्माण व बागराकोट से सिक्किम तक नई सड़क तैयार करने का काम भी चल रहा है।

चीन सीमा पर भारत ने बिछाया सड़कों का जाल

भारत से लगी सीमा पर चीन की सामरिक तैयारियों के जवाब में भारत ने भी सीमावर्ती क्षेत्र में सड़कों और पुलों का जाल बिछाने की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। बीआरओ द्वारा हाल ही में सीमावर्ती चौकियों पर नेलांग-नागा और नागा-सोनम मोटर मार्ग के साथ ही यहां जाड़ गंगा पर 45 मीटर लंबा मोटर पुल तैयार किया है। गुरूवार को यह सड़क और पुल राष्ट्र को समर्पित किए गए। सड़क और पुल बनने से सेना और आईटीबीपी के जवानों को सीमावर्ती चौकियों की निगरानी में सहूलियत होगी। इसके साथ साथ उत्तराखंड और अरूणाचल प्रदेश में भी कई जगह सड़क और ब्रिज का निर्माण किया गया है। सरकार की माने तो पिछले 7 सालों में करीब 25 ब्रिजों का निर्माण चीन सीमा पर किया गया है।

चीन हो या पाक आज मोदी सरकार दोनो सीमाओं पर तेजी से सेना पहुंच सके इसके लिये काम करने में लगी हुई है। जिसके प्रमाण भी मिलने लगे हैं  और ये साफ पता चलने लगा है कि भारत अब बदल चुका है।