POK में कुछ बड़ा होने वाला है: भारत के कदम उसी ओर संकेत कर रहे हैं

जब कश्मीर से धारा 370 हटाया गया था तभी यह एहसास हो गया था कि PoK पर मोदी सरकार की आगे की कूटनीति क्या होगी। उसकी एक झलक तब देखने को मिली जब भारत ने पाकिस्तानी अदालत द्वारा गिलगित-बाल्टिस्तान आदेश 2018 में संशोधन करने और सितंबर में आम चुनाव कराने के साथ-साथ एक कार्यवाहक सरकार स्थापित करने के आदेश के खिलाफ कड़े शब्दों में पाक को बता दिया कि PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाक वहाँ दखलंदाज़ी नहीं कर सकता है।

 

अब उसका अगला पड़ाव आ गया है। एक ऐसा फैसला जो पाकिस्तान को उसके अवैध कब्जे को चुनौती दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्‍मू-कश्‍मीर सब-डिविजन को अब ‘जम्‍मू और कश्‍मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद’ कहना शुरू कर दिया है। गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद, दोनों पर पाकिस्‍तान ने अवैध रूप से कब्‍जा कर रखा है। लेकिन भारत अब पूरी तरह कश्मीर को अपना कानूनी हिस्सा दिखा रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी उत्तर पश्चिमी भारत के लिए डेली फोरकास्ट में मंगलवार से नामों में बदलाव दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विभाग का यह कदम न केवल एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख की बदली हुई स्थिति को दर्शाता है बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।

यह कदम इसलिए खास हो गया है कि PoK पर भारत ने ना सिर्फ पाक को चेतावनी दी है बल्कि संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। पाक अधिकृत कश्मीर में पाक द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को भी अब दुनिया के सामने लाया जा रहा है। इस तरह से भारत कई मोर्चों पर पाक को शिकस्त देने में लगा है।

 

दूसरी तरफ भारत की इस बदली नीति से पाक में बैठे आका हक्के बक्के हैं। कहाँ वो भारत से कश्मीर छीनने का सपना पाल रखे थे, कहाँ पाक के कब्जे वाले हिस्से को अब भारत लेने की तैयारी में है। दो-दो सर्जिकल स्ट्राइक झेल चुका पाक की नीति अभी भी वही है। लेकिन भारतीय सेना के कार्रवाई के बदले अंदाज, आतंकियों का सफाया और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बाद पाक की हताशा और बौखलाहट अब दिखने लगी है। उसी बौखलाहट में आए दिन इमरान खान का भारत विरोधी और पीएम मोदी विरोधी बयान आते रहते हैं।

 

भारतीय मौसम विभाग के इस कदम ने कूटनीतिक तौर पर भारत को और मजबूत कर दिया है। पाक का डर कि कहीं PoK लेने के लिए भारत कोई सैन्य कार्रवाई ना करे, यह पाक के हताशा और निराशा को दिखाता है, जो भारत के लिए शुभ संकेत है। अब इंतजार रहेगा भारत के अगले कदम का। ऐसे भारत में तो एक ही नारा है: मोदी है तो मुमकिन है।