मोदी सरकार में दुनिया की महाशक्ति बन रहा है भारत

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भारत आज दुनिया के अर्थव्यवस्था के मामले में टॉप छह देशों में खड़ा है और 2025 आते-आते भारत दुनिया के टॉप तीन देशों में आ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को केवल महाशक्ति ही नहीं बल्कि ताकतवर बनाना चाहते है। आज भारत कमजोर देश नहीं बल्कि दुनिया का ताकतवर देश है और ये परिवर्तन मोदी सरकार की नीतियों की बदौलत हो रही है, जो रक्षा सौदों और रक्षा जरूरतों को हमारी सेना के मुताबिक पूरा कर रही है।

मोदी सरकार रक्षा निर्णय लेने में देरी नहीं करती, उसीका नतीजा है पिछले एक महीने में भारतीय सेना ने अपने खेमे में ये चार घातक हथियार शामिल किये है।

India is becoming the world's superpower in Modi government

राफेल लड़ाकू विमान

देश की सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए राफेल खरीदने की चर्चा 10-12 साल से चल रही थी, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुटकी बजाकर फैसला कर दिया।

जिस समय आतंकियों ने पुलवामा में 40 जवानों को मार था, प्रधानमंत्री मोदी का कलेजा था, जो उन्होंने फैसला लेकर सैनिकों को बदला लेने के लिए कहा और पाकिस्तान के बालाकोट में जवानों ने आतंकियों को नेस्तानाबूद कर दिया। अगर उस समय राफेल होती तो पाकिस्तान जाने की जरुरत नहीं होती बल्कि भारत की धरती से ही उन आतंकियों का सफाया कर देते।

राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से वायुसेना के शक्ति में कई गुना इजाफा होगा। राफेल (Rafale) एक मल्टी रोल Combat जेट है, जिसे दुनिया का सबसे आधुनिक Fighter Jet माना जाता है। इतना आधुनिक विमान पाकिस्तान और चीन के पास भी नहीं है। छोटे आकार और सटीक निशाने की वजह से, राफेल (Rafale) Fighter Jet, को War Zone में Killer भी कहा जाता है। लड़ाकू विमानों की तुलना में लंबाई और चौड़ाई कम होने के साथ-साथ ये भार में काफी हल्का है। भारत को मिलने वाले राफेल की सबसे बड़ी खासियत Beyond Visual Range Air-To-Air Missile है, जिसकी रेंज 300 किलोमीटर से ज़्यादा है।

धनुष होवित्जर तोप

भारत ने अपनी मारक क्षमता बढ़ाते हुए स्वदेशी धनुष होवित्जर तोपों को सेना में शामिल किया है। भारतीय सेना ने संभावित खतरों को देखते हुए बोफोर्स से भी खतरनाक इस तोप को अपने आर्टिलरी विंग में शामिल किया है। इस तोप में इस्तेमाल होने वाले गाइडेड गोले को भारत ने अमेरिका से ख़रीदा हैं। जीपीएस से लैस ये तोप के गोले 50 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकते हैं। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से यह घनी आबादी में भी दुश्मन पर सटीक निशाना साध सकती है। आर्मी सूत्रों के अनुसार अमेरिका से गाइडेड गोले आपात खरीद प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। पुलवामा हमले जैसे हालात के बाद सेना को हर हाल में तत्काल युद्ध के लिए तैयार रखने की स्थिति के तहत अपनी शक्ति को बढ़ाने में जुटी है।

‘साइलेंट किलर पनडुब्बी’ INS खंडेरी

आईएनएस खंडेरी के नौसेना में शामिल होने से भारत की नेवी की क्षमता में कई गुणा इजाफा होगा। आईएनएस खंडेरी में 40 से 45 दिनों तक सफर करने की क्षमता है। खंडेरी भारत में निर्मित नौसेना की छह कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों में से दूसरी है। यह एक डीजल-इलेक्ट्रिक हमला पनडुब्बी है, जिसे फ्रांसीसी नौसेना की रक्षा और ऊर्जा कंपनी DCNS द्वारा डिज़ाइन किया गया है जिसे मुंबई में मझगांव डॉक्स में बनाया गया है। इस स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी की अत्याधुनिक विशेषताओं में दुश्मन पर सटीक हमला करने वाले हथियारों का उपयोग करने की क्षमता है। हमले को टारपीडो, साथ ही ट्यूब-लॉन्च एंटी-शिप मिसाइलों के साथ, पानी के नीचे या सतह पर लॉन्च किया जा सकता है।

अपाचे हेलीकॉप्टर

अपाचे एएच-64ई दुनिया के अत्याधुनिक बहु-भूमिका वाले लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जिसका निर्माण अमेरिकी विमानन कंपनी बोईंग द्वारा किया गया है और इसका इस्तेमाल अमेरिकी समेत कई विकसित देश कर रहे हैं। अपाचे हेलीकाप्टर एक बहुआयामी उपयोग में आने वाला लड़ाकू हेलिकॉप्टर है। यह हेलीकाप्टर दुश्मन की सीमा में घुसकर तेजी से हमला करने में सक्षम है, जिसके वायुसेना में शामिल होने से वायुसेना की सीमा पर मारक क्षमता कई गुना बढ़ गयी है|

बता दे की देश और जनता की सुरक्षा हमेशा से ही PM मोदी की प्राथमिकता रही है। इसे मजबूती देने के लिए मोदी ने प्रथम कार्यकाल में यथासंभव प्रयास किये है और अभी भी उनका प्रयास जारी है। विकसित और सामरिक दृष्टि से मजबूत देशों से बेहतरीन और आधुनिक हथियारों का सौदा भी इन प्रयासों में शामिल है।

 


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