भारत ने अपनी मारक क्षमता बढ़ाते हुए बोफोर्स से भी घातक स्वदेशी धनुष होवित्जर तोप को किया सेना में शामिल

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India increased its firepower, included deadly indigenous Dhanush Howitzer cannon

भारत ने अपनी मारक क्षमता बढ़ाते हुए स्वदेशी धनुष होवित्जर तोपों को सेना में शामिल किया है। भारतीय सेना ने संभावित खतरों को देखते हुए बोफोर्स से भी खतरनाक इस तोप को अपने आर्टिलरी विंग में शामिल किया है। इस तोप में इस्तेमाल होने वाले गाइडेड गोले को भारत ने अमेरिका से ख़रीदा हैं। जीपीएस से लैस ये तोप के गोले 50 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकते हैं। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से यह घनी आबादी में भी दुश्मन पर सटीक निशाना साध सकती है। आर्मी सूत्रों के अनुसार अमेरिका से गाइडेड गोले आपात खरीद प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। पुलवामा हमले जैसे हालात के बाद सेना को हर हाल में तत्काल युद्ध के लिए तैयार रखने की स्थिति के तहत अपनी शक्ति को बढ़ाने में जुटी है।

बता दे की धनुष तोप स्वीडिश तोप बोफोर्स का स्वदेशी उन्नत संस्करण है। इसमें लगे 100 फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी हैं। सेना की ओर से हर मौसम के अनुसार इसके सभी परीक्षण किए जा चुके हैं। जिसमें यह तोप खरी उतर चुकी है। धनुष के सेना में प्रवेश को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है क्योंकि यह भारत में निर्मित होने वाली लंबी रेंज की पहली तोप है।

सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने अमेरिकी हथियार निर्माता कंपनी होवित्जर से यह गोला-बारूद खरीदा है। इन गोला-बारूद को नियंत्रण रेखा पर तैनात तोपों के लिए खासतौर पर खरीदा गया है, जहां पाकिस्तान की ओर से आए दिन गोलाबारी होती रहती है। हाल ही में संपन्न एक बैठक में सेना के अधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से गाइडेड गोला-बारूद खरीदे जाने की जानकारी दी। साथ ही सेना ने अमेरिका निर्मित एम-777 अत्यंत हल्की होवित्जर तोप भी अपने बेड़े शामिल करना शुरू कर दिया है, जिससे एक्सकैलिबर गोलों को दागा जा सकता है। सेना टैंक-रोधी गाइडेड मिसाइल स्पाइक खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है।

गौरतलब है की भारतीय सेना ने 2022 तक 114 स्वदेशी धनुष तोप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वदेशी होवित्जर तोप धनुष की विशेषताएं:

• बैरल का वजन 2692 किलो
• बैरल की लंबाई आठ मीटर
• रेंज 50+ किलोमीटर
• दो फायर प्रति मिनट में
• लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम
• फिट होने वाले गोले का वजन 46.5 किलो

बता दे की देश और जनता की सुरक्षा हमेशा से ही PM मोदी की प्राथमिकता रही है। इसे मजबूती देने के लिए मोदी ने प्रथम कार्यकाल में यथासंभव प्रयास किये है और अभी भी उनका प्रयास जारी है। विकसित और सामरिक दृष्टि से मजबूत देशों से बेहतरीन और आधुनिक हथियारों का सौदा भी इन प्रयासों में शामिल है। इसके अतिरिक्त एक और चीज़ है जिस पर मोदी हमेशा से ही जोर देते आये है और वो है अपने देश में मजबूत से मजबूत हथियारों को तैयार करना और सेना को स्वदेशी हथियारों से लैस करना। अब मोदी के प्रयासों को धीरे-धीरे सफलता मिलती दिख रही है और उसी सफलता का एक उदाहरण होवित्जर तोप धनुष है।

 


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