विजयादशमी के शुभ अवसर पर भारत को मिला सबसे बड़ा ‘शत्रु संहारक’ राफेल

शस्त्रों का पूजन भारत की प्राचीन परम्परा रही है

पूरे भारत में जहां कल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयदशमी मनाया जा रहा था वहीं, भारत के लिए एक और खास दिन लड़ाकू विमान राफेल से जुडा था । देश की शान वायुसेना का 87वां ‘वायुसेना दिवस’ मना रहे भारत को देश का पहला राफेल लड़ाकू विमान RB 001 मिल गया। फ्रेंच भाषा में राफेल का अर्थ आंधी होता है और अपने नाम के हिसाब से ये वायुसेना में शामिल होकर वायुसेना को मजबूती प्रदान करेगा ।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में एक गरिमापूर्ण समारोह में विजयादशमी के दिन दुनिया के सबसे मारक लड़ाकू जेट विमान राफेल (Rafale) को औपचारिक तौर पर प्राप्त किया । इस दौरान दुनिया भर की लगी निगाहों के बीच शस्त्र पूजा के बाद राजनाथ सिंह ने राफेल में उड़ान भी भरी। राफेल विमान पर भारतीय परंपरा अनुसार कुमकुम का तिलक लगाकर, ऊं लिखकर और बुरी नजर से बचाने के लिए दोनों पहियों के नीचे नींबू रखकर भारतीय विधि से पूजन कर भारतीय वायुसेना की सामरिक ताकत में हो रहे इस इजाफे का शंखनाद किया। आपको बता दें कि विजयदशमी के मौके पर भारत में शस्त्र पूजा का विधान है। इसी का पालन करते हुए राजनाथ सिंह ने उड़ान भरने से पहले शस्त्र पूजा किया ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उड़ान भरकर लौटने के बाद कहा कि यह उड़ान बेहद रोमांचक और बहुत आरामदायक रही। मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं किसी सुपर सोनिग स्पीड एयरक्राफ्ट में उडूंगा। यह पल बहुत ही बेमिसाल और अनोखा था। रक्षामंत्री ने कहा कि राफेल मिलने के साथ ही भारत-फ्रांस के रणनीतिक और सामरिक रिश्ते के नये दौर की शुरूआत हो गई है। उन्होंने कहा कि हमें 2022 तक सभी 36 राफेल मिल जाएंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करीब आधे घंटे तक राफेल में उड़ान भरने के बाद मेरीनेक एयरबेस पर उतरे, इस दौरान उनके साथ दसॉ एविएशन के हेड टेस्ट पायलट फिलिप ड्यूचेटो रहे।

भारत को मिलने वाला रफाल कई मायनों में खास है। इससे भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ जाएगी। भारत को जो विमान मिलने वाला है, उसका टेल नंबर RB-001 है। इस नंबर के पीछे एक खास महत्व है। दरअसल, फ्रांस के साथ रफाल सौदे में बड़ी भूमिका निभाने वाले मौजूदा वायुसेना चीफ राकेश सिंह भदौरिया के नाम पर रखा गया है।

Ready for take off in the newly inducted Rafale

भारत और फ्रांस के बीच करीब 59 हजार करोड़ रुपये मूल्य पर 2016 में 36 राफेल के लिए करार हुआ था। यह सभी लड़ाकू विमान 2022 तक भारत में आएंगे। फिलहाल भारत को चार विमान सौंपे जाएंगे। इसके बाद चार-चार की किस्त में कुल 32 विमान भारत को सौंपे जाएंगे। भारत को मिलने वाले 36 राफेल में से 18 को अंबाला एयरबेस पर तैनात किया जाएगा, जबकि बाकी 18 को पश्चिम बंगाल के हाशीमारा बेस पर तैनात किया जाएगा।

फ्रांस, मिस्र और कतर के बाद भारत ऐसा चौथा देश हैं, जिनके पास राफेल विमान होगा। फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल 4.5वीं पीढ़ी का विमान है जिसमें रडार से बच निकलने की ताकत है।

आपको बता दें कि रफाल लेने के लिए फ्रांस पहुंचे राजनाथ सिंह ने मंगलवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैंक्रो से दोपहर में मुलाकात की। मैक्रों और राजनाथ सिंह की ये बैठक करीब 35 मिनट तक चली। मुलाकात के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा के भारत और फ्रांस मिलकर इस्लामिक आतंक के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे।