अफ्रीकी देशों की मदद के लिये भारत ने बढ़ाये हाथ, ब्रिटेन के किक्रेटर पीटरस बोले- शानदार देश है भारत

इंग्लैंड के पूर्व स्टार क्रिकेटर केविन पीटरसन ने कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से प्रभावित देशों की मदद की पेशकश करने पर भारत की तारीफ की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि भारत ने एक बार फिर सेवा करने का साहस दिखाया है। इतना ही नहीं उन्होने भारत को एक शानदार देश भी बताया है।

जीनोम सर्विलांस में मदद करने को भी तैयार भारत

बयान में कहा गया, “हमने बोत्सवाना को कोवैक्सीन सप्लाई करने की भी मंजूरी दी है। किसी भी नई जरूरत पर तुरंत फैसला लिया जाएगा, चाहे वह कोवैक्स के जरिए हो या द्विपक्षीय। भारतीय संस्थान अफ्रीकी देशों के साथ जीनोम सर्विलांस से जुड़ी रिसर्च के लिए भी मदद करने पर भी विचार करेगी।” मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अफ्रीका में अब तक 41 देशों को 2.5 करोड़ से ज्यादा मेड इन इंडिया वैक्सीन की सप्लाई की है जिसमें करीब 16 देशों को 1 करोड़ डोज मदद के रूप में और कोवैक्स के जरिए 33 देशों को 1.6 करोड़ डोज शामिल है। इतना ही नहीं जरूरी दवाइयां, टेस्ट किट, पीपीई किट्स और वेंटिलेटर सहित दूसरे मेडिकल सामान सप्लाई करने को तैयार है। सरकार की माने तो ये सप्लाई कोवैक्स के जरिए या द्विपक्षीय तरीके से की जा सकती हैं। सरकार ने अफ्रीकी देशों मालावी, इथोपिया, जाम्बिया, मोजांबिक, गिनिया और लेसोथो को कोविशील्ड वैक्सीन पहुंचाने के लिए कोवैक्स द्वारा किए गए सभी ऑर्डर को मंजूरी दे दी है।

पहले भी पीटरसन ने भारतीय टीम का किया समर्थन

ऐसा नही कि पीटरसन ने पहली बार भारत की तारीफ की हो इससे पहले भी वो भारत का हौसला बढ़ाते आये है। पीटरसन ने इस महीने टी-20 वर्ल्ड कप में हार के बाद आलोचना झेल रही भारतीय टीम का समर्थन किया था। उन्होंने हिंदी में ट्वीट कर कहा था, “खेल में एक विजेता और एक हारने वाला होता है। कोई भी खिलाड़ी हारने के लिए नहीं खेलता है। अपने देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ा सम्मान है। कृपया महसूस करें कि खेल के लोग रोबोट नहीं हैं और उन्हें हर समय समर्थन की आवश्यकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन नये वैरिएंट को बताया बड़ा खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन  का कहना है कि प्रारंभिक साक्ष्य के आधार पर कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट से वैश्विक खतरा “काफी ज्यादा” है, और इससे गंभीर परिणाम हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने सदस्य देशों को एक ज्ञापन में कहा कि नए वेरिएंट के बारे में ‘‘काफी अनिश्चितता’’ बनी हुई है। संगठन ने कहा कि दुनियाभर में इसके और फैलने की आशंका अधिक है। ओमीक्रोन वेरिएंट पहली बार दक्षिणी अफ्रीका में पाया गया था।

भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि अगर विश्व में कोई दिक्कत आती है तो वो सबसे पहले मदद के लिये आगे बढ़ता है और अब तो विश्व भी इस बात पर भारत की तारीफ कर रहा है और हो भी क्यों ना सदियों से मानव सेवा जो भारत करता आया है।