मोदी जी के राज में अपनी संस्कृति की जड़ो से जुड़ता हिंदुस्तान

कहते हैं जिस देश का राजा संस्कारी होता है उस देश में धर्म की पताका लहराती हुई दिखाई देती है। कुछ ऐसा ही नये भारत में देखने को मिल रहा है। तभी विश्व में भारतीय संस्कृति की जय जयकार हो रही है तो देश में मंदिरों का जीर्णोद्धार हो रहा है जिससे देश के जिस इतिहास को दबाया गया था वो आज देश की नई पीढ़ी जान रही है और उसपर गर्व कर रही है।

देश की विरासत को जिंदा करते हमारे प्रधान

उत्तर हो या पूर्व या फिर पश्चिम या दक्षिण, देश के हर कोने में आज देश की विरासत को संभाला जा रहा है। या यूं कहे कि देश में फिर से भारतीय संस्कृति को नया रूप मिल रहा है इसी क्रम में पीएम मोदी ने केदारनाथ मंदिर में आज दर्शन करके 130 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया साथ ही 400 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया है। इस दौरान पीएम मोदी ने देश को बताया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जोरशोर से हो रहा है तो बनारस में बाबा विश्वनाथ मंदिर का आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर का भी भव्य निर्माण करवाकर उसे नया रूप दे दिया है तो इसी तरह गुजरात के ही एक और 12वीं सदी के मंदिर गलतेश्वर महादेव मंदिर के टूटे गुंबद का निर्माण करवाकर उसे फिर से नया रूप दिया है। यहां ये भी जानना जरूरी है कि इनमे से ज्यादातर मंदिर विदेशी अक्रांताओ द्वारा तोड़े गये थे जिन्हे मोदी सरकार ने आते ही नया रूप देना शुरू कर दिया था। इसके साथ साथ मोदी सरकार में ही कश्मीर में आज शंकराचार्य का मंदिर फिर से बन रहा है तो घाटी के कई मंदिर को बनवाकर आम आदमी के लिए खोल दिया गया है जिससे देश की विरासत को समझने का मौका नई पीड़ी को मिल रहा है।

देश से चोरी हुई मूर्तियों को वापस देश लाया जा रहा है

देश में जहां भारतीय संस्कृति को जिंदा किया जा रहा है तो देश से चोरी हुई संदियों पुरानी मूर्तियों को वापस फिर से देश लाया जा रहा है जिससे देश की खोई पुरानी विरासत वापस देश में आ रही है। खुद पीएम मोदी अमेरिका से भारत के लिये 157 ऐसे मूर्तियाँ या कलाकृतियां देश वापस लाये जो सालों पुरानी थी और उन्हे देश से चोरी कर लिया गया था। इसी तरह कनाडा से भारत में माता अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति को वापस लाया गया है जिसे बनारास में फिर से प्राण प्रतिष्ठित किया जायेगा। आस्ट्रेलिया, जर्मनी और जपान से भी देश में ऐसी कई मूर्तियों की वापसी हुई है जो देश में चोरी करके विदेश भेज दी गई थी।

आज नया भारत अपनी गर्व से भरी संस्कृति से जुड़ रहा है शायद इसीलिये तेजी के साथ विश्व में आज वो आगे निकल रहा है और इसकी झलक विश्व मंच में दिख भी रही है।