UNDP Report: मानव विकास सूचकांक रैकिंग में एक पायदान ऊपर चढ़ा भारत

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नौ दिसंबर को जारी संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के मुताबिक 2019 में मानव विकास सूचकांक में भारत ने एक स्थान की छलांग लगाई है और 189 देशों के बीच इसकी रैंकिंग 129 हो गई है। यूएनडीपी की भारत में स्थानीय प्रतिनिधि शोको नोडा ने कहा कि पिछले वर्ष भारत की रैंकिंग 130 थी। तीन दशकों से तेज विकास के कारण यह प्रगति हुई है, जिसके कारण गरीबी में कमी आई है। 1990 से 2018 के दौरान भारत में मानव विकास सूचकांक मूल्यों में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि हुई है। पिछले तीन दशकों में भारत में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा में 11.6 वर्ष की वृद्धि, स्कूली शिक्षा की औसत संख्या में 3.5 वर्ष की वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय 250 गुना की वृद्धि के कारण भी रैंकिंग सुधरी है।

साल 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और यहां लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने की दिशा में हुई प्रगति की सराहना भी की गई है।

पीएम जनधन योजना और आयुष्मान भारत ने गरीबों का स्तर सुधारा

Shoko Noda , Head, UNDP India | PC - Twitter

शोको नोडा ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि भारत में 2005-06 से 2015-16 के बीच 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला गया। शोको नोडा ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्य रूप से प्रधानमंत्री जनधन योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की तेज प्रगति का कारण पिछले करीब तीन दशकों में किया गया त्वरित विकास है।

नॉर्वे, स्विटजरलैंड मानव विकास सूचकांक रैंकिंग में टॉप देश

 UNDP Report

रैकिंग में नॉर्वे, स्विटजरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और जर्मनी टॉप पर हैं जबकि नाइजर, दक्षिण अफ्रीकी गणराज्य, दक्षिण सूडान, चाड और बुरुंडी काफी कम HDI वैल्यू के साथ फिसड्डी देशों में शुमार हैं। भारत का एचडीआई वैल्यू (0.640) दक्षिण एशिया के औसत 0.638 से थोड़ा सा ऊपर है।

रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण एशिया वाले हिस्से में पूरी दुनिया के मुकाबले बेहतर ग्रोथ देखने को मिली है। इसमें ये भी कहा गया है कि साल 1990 से 2018 के बीच इन इलाकों में 46 की ग्रोथ दर्ज की गई है।

क्या है मानव विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक यानी ह्यूमन डिवेलपमेंट इंडेक्स (HDI) जीवन प्रत्याशा, शिक्षा, और आय सूचकांकों का एक संयुक्त सांख्यिकीय सूचकांक है। इस मेथड को अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक ने तैयार किया था। पहला मानव विकास सूचकांक 1990 में जारी किया गया था। तब से हर साल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा इसे प्रकाशित किया जाता है।

 


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