चीन का कभी सिक्किम सीमा पर तो कभी लद्दाख सीमा पर हिमाकत: आखिर चीन इतना हताश-परेशान क्यों?

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

पिछले कुछ दिनों में चीन ने जो कदम उठाए हैं उसे हताशा और निराशा का परिणाम ही कहा जा सकता है। लेकिन चीन शायद यह भूल रहा है कि यह अब नया भारत है जो माकूल जवाब देना जानता है। इसका ताजा उदाहरण लद्दाख और सिक्किम में देखने को मिला है।

अभी कुछ दिन पहले ही चीनी सैन्य हेलिकॉप्टर को लद्दाख सीमा के करीब उड़ान भरते देखा गया था, जो भारतीय क्षेत्र के काफी करीब था। भारतीय वायुसेना ने भी इसका जवाब देते हुए तुरंत ही अपनी लड़ाकू विमानों की तैनाती कर दी। यह पहली बार है जब कई सालों में भारत ने लड़ाकू विमानों को तैनात करके वायु क्षेत्रों का उल्लंघन करने के चीनी प्रयासों का जवाब दिया है।

 

सिक्किम सीमा पर भारतीय और चीनी सेना के बीच झड़प

कुछ ऐसी ही हरकत सिक्किम सीमा क्षेत्र में चीन द्वारा किया गया जब उसके 150 से अधिक सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने इसका जवाब दिया जिस कारण भारतीय और चीनी सैनिक के बीच हाथापाई हुई। दोनों तरफ के सैनिकों को मामूली चोटें भी आई। सीमा विवाद को लेकर ऐसी घटनाएँ होती रहती हैं लेकिन इस बार यह घटना काफी दिनों बाद हुई है।

 

चीन के उकसाने पर नेपाल का लिपुलेख पर विरोध

नेपाल सरकार ने तिब्बत के मानसरोवर से जुड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा लिपुलेख क्षेत्र में सड़क के निर्माण पर आपत्ति जताई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को 80 किलोमीटर लंबे इस नए मार्ग का उद्घाटन किया था, जिससे चीन के तिब्बत में कैलाश-मानसरोवर पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को मदद मिलने की उम्मीद है क्योंकि यह लिपुलेख दर्रे से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। माना जा रहा है कि नेपाल का यह कदम चीन के उकसावे पर है। भारत लिपुलेख क्षेत्र में सड़क निर्माण विगत कई सालों से कर रहा है और यह ताजे विवाद को चीन से जोड़ कर देखा जा रहा है।

 

आखिर चीन क्यों है हताश?

पिछले एक सप्ताह में दोनों देशों की सेनाओं का कई बार आमना-सामना हुआ। कूटनीतिक तौर पर इन घटनाओं के कई मायने हैं।

  • POK पर भारत के रुख से पाक के साथ साथ चीन भी परेशान है। चीन की ही तरह पाकिस्तान के लड़ाकू विमान भी लगातार सरहदी इलाकों में उड़ान भर रहे हैं। चीन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का बड़ा हिस्सा POK से हो कर गुजर रहा है। अगर भारत POK में कुछ भी कदम उठाता है तो चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
  • दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है कश्मीर पर चीन का रुख। जब से भारत ने कश्मीर से धारा 370 खत्म किया है, चीन इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाते रहा है जिसका कड़ा जवाब भारत के तरफ से दिया गया है।
  • दुनिया भर में कोरोना वायरस के फैलने से चीन की साख खराब हुई है। पूरी दुनिया इसमें चीन का हाथ देख रही है। चीन के अंदर भी लोगों में गुस्सा है। चीन इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की हरकत कर सकता है।
  • कोरोना जैसे महामारी से लड़ने में भारत ने जिस तरह से दुनिया के देशों को मदद किया है, उस से भी चीन परेशान है। जहां चीन का चेहरा ‘वायरस’ फैलाने वाले देश के रूप में सामने आया है वहीं भारत के मानवीय चेहरा ने पूरी दुनिया को उसके साथ खड़ा किया है। चीन का भारत के प्रति यह रुख का एक यह भी कारण माना जा रहा है।
  • कोरोना महामारी के बाद चीन से 1000 से ज्यादा कंपनियां भारत में आने कों उत्सुक है और बहुत सारी कंपनियों ने तो कदम भी बढ़ा दिया है जो चीन के लिय बहुत बड़ा झटका है।

लेकिन चीन को समझ लेना चाहिए कि भारत अब हर गलत मंसूबे को जवाब देने के लिए तैयार है। विश्व स्तर पर भी भारत का रुतबा अब पहले से कहीं अधिक है। भारत मानवीय आधार पर, आर्थिक आधार पर और कूटनीतिक नेतृत्व के आधार पर दुनिया के सामने एक मिसाल कि तरह आया है। ऐसे में लाजिमी है कि दुनिया पर ‘मेड इन चाइना’ का वर्चस्व अगर टूटता दिखता है तो हताशा तो होगी ही।


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •