ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता भारत

मोदी राज में भारत एक के बाद एक नये आयाम छू रहा है पिछले 6 सालो में देखा जाये तो भारत में वो सबकुछ हो रहा है जो कभी हम भारतीय सपना समझते थे। इसी क्रम में आज से रीवा में देश का ही नही बल्कि एशिया के सबसे बड़े पॉवर प्लांट का पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि देश हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बन रहा है। जिसका जीता जागता सबूत ये प्लांट है।

सौर ऊर्जा श्योर है, प्योर है और सिक्योर है

पॉवर प्लांट की शुरूआत करते हुए पीएम मोदी ने बोला कि आज रिवा ने एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होने सोलर प्लांट की बराबरी किसी खेत में लहलहाती फसल से की। उन्होंने कहा कि ऊपर से देखने पर यूं लगता है कि किसी खेत में फसल खड़ी हो। इतना ही नही उन्होने बोला कि वैसे रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही है और अब इसमें एशिया का सबसे बड़े पावर प्रोजेक्ट का नाम जुड़ गया। उन्होंने कहा, ‘सौर ऊर्जा श्योर है, प्योर है और सिक्योर है। श्योर इसलिए क्योंकि सूर्य सदा सर्वदा चमकता रहेगा, प्योर इसलिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित करने के बजाए सुरक्षित करेगा सिक्योर इसलिए क्योंकि ये हमारी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो मध्य प्रदेश निश्चित रूप से सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का हब बन जाएगा इसका सबसे अधिक लाभ मध्य प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों, किसानों, आदिवासियों को होगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस दशक में रीवा का यह सोलर प्लांट इसे ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा। इस सोलर प्लांट से मध्य प्रदेश के लोगों को, यहां के उद्योगों को तो बिजली मिलेगी ही, दिल्ली में मेट्रो रेल तक को इसका लाभ मिलेगा।

दिल्ली मेट्रो को भी मिलेगी बिजली

750 मेगावाट के सोलर प्लांट के इस सोलर प्रोजेक्ट से 24 फीसदी बिजली दिल्ली मेट्रो ट्रेन के लिए मुहैया कराई जायेगी। जबकि 76 फीसदी मध्य प्रदेश सरकार उपयोग करेगी। ये प्रोजेक्ट 2022 तक हमारी ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को तेजी से बढ़ाने में मददगार साबित होगा। आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट में एक सौर पार्क के अंदर स्थित 500 हेक्टेयर जमीन पर 250-250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयां शामिल हैं और यह प्रोजेक्ट हर साल करीब 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।’ यह प्रोजेक्ट राज्य के बाहर एक संस्थागत ग्राहक को आपूर्ति करने वाली पहली अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट है। इतना ही नही पीएम ने इस दौरान साफ किया कि सरकार लगातार आम लोगो की दिक्कतो को कम करने के लिए नये नये काम करने में लगी हुई है और ऐसे कई योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। जिससे आने वाले दिनो में में बिजली को लेकर हम और अधिक आत्मनिर्भर हो सकें। इतना ही नही उन्होने कहा कि सोलर से बिजली बनाने में भारत अब 5वें स्थान पर आ गया है जो एक बड़ी सफलता है।

कुल मिलाकर रीवा में तैयार हुआ ये प्लांट सच में आने वाले दिनो में मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि इसकी शुरूआत से मध्य प्रदेश में बिजली की समस्या अब न के बराबर रह जायेगी तो सोलर ऊर्जा पर लोगो का विश्वास भी बढ़ेगा जिससे देश ऊर्जा के मामले में जरूर आत्मनिर्भ बनने की ओऱ चल पड़ा है।