भारत बुलेटप्रूफ जैकेटों का निर्यातक देश बना, 100 से अधिक देशों में कर रहा है सप्लाई

India becomes an exporter of bulletproof jackets

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के अनुसार, भारत ने अपने मानकों के अनुसार बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्यात करना शुरू कर दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है जो यूरोपीय देशों सहित 100 से अधिक देशों में मान्य है। बीआईएस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के बाद भारत चौथा देश है जो बुलेटप्रूफ जैकेट पर अपना राष्ट्रीय मानक रखता है जो 360 डिग्री सुरक्षा प्रदान करता है।

बता दे की बीआईएस एक राष्ट्रीय निकाय है जो विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के लिए गुणवत्ता मानक निर्धारित करता है। अब तक, यह 20,000 से अधिक मानक तय कर चुका है।

बीआईएस के उप निदेशक राजेश बजाज ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया, “मैं समझता हूं कि बुलेटप्रूफ जैकेट भारत में न केवल उत्पादित और खरीदे जाते हैं बल्कि बीआईएस मानकों के अनुसार 100 अन्य देशों में भी बेचे जाते हैं।”

भारत दुनिया का चौथा ऐसा देश है, जिसके पास इस उत्पाद पर अपने राष्ट्रीय मानक हैं। “हमने सभी देशों को एक साथ लाया और एक राष्ट्रीय मानक पर फैसला किया, जो अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता का है। सशस्त्र बल अब इस मानक के अनुसार बुलेटप्रूफ जैकेट खरीद रहे हैं”।

बीआईएस में वैज्ञानिक और बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए राष्ट्रीय मानक बनाने वाले एक सदस्य जेके गुप्ता ने कहा, “भारत मानकों के अभाव में गुणवत्ता वाले बुलेटप्रूफ जैकेट की खरीद करने में सक्षम नहीं था। इसलिए, लंबे समय से एक राष्ट्रीय मानक की मांग थी। सशस्त्र बल इस उत्पाद के लिए गुणवत्ता मानक निर्धारित करते थे।”

उन्होंने बताया की “दिसंबर 2018 में, बीआईएस ने प्रधानमंत्री कार्यालय और नीतीयोग के निर्देश के बाद बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए एक राष्ट्रीय मानक तैयार किया। 2018 में प्रकाशित मानक को अब हर कोई लागू कर रहा है। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत, हमारे पास विश्व स्तर की सुविधा और डिजाइन क्षमताएं हैं। हम इन जैकेटों को यूरोप में भी 100 से अधिक देशों में निर्यात कर रहे हैं।”

गुप्ता ने कहा कि अवाडी, चेन्नई में दो पीएसयू मेदनी और आयुध कारखाने और हरियाणा में निजी फर्मों एसएनपीपी (पलवल), स्टारवायर (फरीदाबाद) और उत्तर प्रदेश में एमकेयू (कानपुर) बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्माण कर रहे हैं।

इसके अलावा बीआईएस ने जैकेट के मानक में परीक्षण प्रोटोकॉल को शामिल किया है, जिससे की उसकी लाइफ का पता लगाया जा सके ।

हाल ही में, Niti Aayog के सदस्य और DRDO के पूर्व प्रमुख वी के सारस्वत ने कहा था कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 3 लाख से अधिक बुलेटप्रूफ जैकेट की आवश्यकता होगी।