दुनिया को पछाड़ 100 करोड़ वाला बाहुबली बना भारत

जब दुनिया में वैक्सीन लगाने का काम शुरू हुआ तो दुनिया के कई संगठन ये बात करते नजर आते थे कि भारत में 135 करोड़ लोगों की आबादी को इतने साल में वैक्सीन लग पायेगी। दुनिया के कई संगठन भारत पर तंज करते हुए नजर आते थे कि भारत को अपनी आबादी को वैक्सीनेशन करने में बहुत समय लगेगा लेकिन पीएम मोदी के विश्वास और हमारे कोरोना कर्मचारियों के प्रयास ने समूची दुनिया को दिखा दिया कि ये नया भारत है जो हर दिन इतिहास लिखता है। इसी क्रम में भारत ने महज 10 महीने के भीतर ही 100 करोड़ लोगों का टीकाकरण करके समूची दुनिया को दिखा दिया कि भारत की टीकाकरण व्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी है।

दुनिया के सभी देशो को पछाड़ा

आज भारत टीकाकरण में सबसे आगे खड़ा और बता रहा है कि वो तेजी के साथ टीका का उत्पादन भी कर सकता है तो उतनी ही तेजी से अपने देश में लोगों का टीकाकरण भी कर सकता है। आंकड़ो पर नजर डाले तो जहां ओशिनिया में आने वाले देशों में 41 मिलियन टीकाकरण हुआ है तो अफ्रीका महाद्वीप में 176 मिलियन इसी तरह साऊथ अफ्रीका महाद्वीप में 481 मिलियन, नार्थ अमेरिका में 660 मिलियन और यूरोप में 830 मिलियन लोगों के टीकाकरण ही हो पाया है। जबकि भारत में ये आंकड़ा आज 100 करोड़ को छू रहा है, जो ये बताता है कि भारत की टीकाकरण की रणनीति कितनी बेहतर है।

इसी तरह अगर देखा जाये तो भारत ने आजादी के बाद सबसे तेजी से अगर किसी रोग का वैक्सीनेशन किया है तो वो कोरोना महामारी ही है। आंकड़ो को देखे तो पता चलता है कि भारत ने टीबी की वैक्सीन 1989 से लगानी शुरू की थी और 32 साल में वो इस आंकड़े को पार कर पाई तो 1994 से 2014 यानी की 20 साल में पोलियों के इतने टीके लगे इससे इन टीकों को आम लोगों में लगाने की गति का अंदाजा होता है।

ये नया भारत है जो हर दिन रिकार्ड बनाता है

इतना ही नहीं तेज रफ्तार में तो भारत ने अपने यहां वैक्सीनेशन किया ही साथ में ही दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है जिसने 99 फीसदी स्वदेशी टीके का इस्तेमाल किया और कुछ जगह की बात छोड़ दी जाये तो ज्यादातर हर जगह लोगों के लगा ये ये टीका सफल रहा। इसी तरह भारत ही ऐसा देश है जहां सभी को मुफ्त में टीका लगाया गया। इसके साथ साथ एक तरफ भारत अपने देश में लोगों का टीकाकरण कर रहा था तो दूसरी तरफ 80 देशों को वैक्सीन निर्यात करने वाला देश भी दुनिया में भारत मात्र एक है जो भारत के संकल्प को दर्शाता है कि कोरोना को देश से खत्म करके ही दम लेंगे।

आज वैक्सीनेशन कार्यक्रम यहां तक अगर पहुंचा है तो उसके पीछे खुद पीएम मोदी की भी अहम भूमिका रही है। क्योकि कोरोना को लेकर जिस तरह से पीएम मोदी ने पिछले साल से बैठक पर बैठक की हर बारीक से बरीक जानकारी को जाना जब देश में वैक्सीनेशन शुरू हो गया तो समय समय में उसकी भी समीक्षा पीएम मोदी करते रहें और इसी का परिणाम है कि भारत आज ये मुकाम पा सका।