हाइपरसोनिक टेक्‍नोलॉजी से आत्मनिर्भर हुआ भारत

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कोरोना काल में भी भारत विकास ही नही कर रहा, बल्कि नये नये आयाम भी छू रहा है। कोरोना को मात देने के लिए जहां सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक से एक नये उपकरण बनाये तो दूसरी तरफ सड़क हो या फिर गांव गांव विकास की बात, वहां पर भी नये नये आयाम बनाये गये है। इसी क्रम में भारत ने  हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथा ऐसा देश बन गया है जिसने खुद की हाइपरसोनिक टेक्‍नोलॉजी विकसित कर ली और इसका सफलतापूर्वक परीक्षण भी कर लिया है।

हाइपरसोनिक मिसाइल को जानिए

हाइपरसोनिक मिसाइल वो मिसाइल होती है जो आवाज की रफ्तार से 5 गुना ज्‍यादा तेज चलती है। ये दो प्रकार की होती है। पहली हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल और दूसरी हाइपरसोनिक ग्‍लाइड वीइकल। ये मिसाइलें मिनटों में दुनिया में कहीं भी मौजूद अपने टारगेट को ध्‍वस्‍त कर सकती हैं। यानी की भारत के पास अब वो ताकत आ गई है जिसके चलते वो किसी भी देश पर हमला करने में पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है। ये खबर की कीमत उस इस वक्त और बढ़ गई है क्योकि चीन से लगातार भारत का सीमा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में ये खबर विश्व में भारत की बढ़ती हुई ताकत को और दिखाएगी।

सफल टेस्ट से विश्व में भारत की साख और मजबूत हुई

सीधे शब्‍दों में कहें तो भारत के पास अब बिना विदेशी मदद के हाइपरसोनिक मिसाइल डेवलप करने की क्षमता हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, डीआरडीओ अगले पांच साल में स्‍क्रैमजेट इंजन के साथ हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार कर सकता है। इसकी रफ्तार दो किलोमीटर प्रति सेकेंड से ज्‍यादा होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे अंतरिक्ष में सैटलाइट्स भी कम लागत पर लॉन्‍च किया जा सकते हैं। HSTDV के सफल परीक्षण से भारत को अगली जेनरेशन की हाइपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस-II तैयार करने में मदद मिलेगी। फिलहाल उसे DRDO और रूस की एजेंसी मिलकर डेवलप कर रहे हैं। दुनिया के किसी भी कोने में दुश्मन के ठिकाने को घंटे भर के भीतर निशाना बनाया जा सकता है। आम मिसाइलें बैलस्टिक ट्रैजेक्‍टरी फॉलो करती हैं। इसका मतलब है कि उनके रास्‍ते को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इससे दुश्‍मन को तैयारी और काउंटर अटैक का मौका मिलता है जबकि हाइपरसोनिक वेपन सिस्‍टम कोई तयशुदा रास्‍ते पर नहीं चलता। इस कारण दुश्‍मन को कभी अंदाजा नहीं लगेगा कि उसका रास्‍ता क्‍या है। स्‍पीड इतनी तेज है कि टारगेट को पता भी नहीं चलेगा। यानी एयर डिफेंस सिस्‍टम इसके आगे पानी भरेंगे।

 

यानी भारत के लिए सोमवार का दिन एक और खुशखबरी लेकर आया है तो दूसरी तरफ भारत पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर बनकर अब उभर रहा है। मोदी जी के नेत्तृव में आज देश का आत्मसम्मान विश्व में शिखर पर पहुंच चुका है वो इसलिये क्योकि मेक इन इंडिया का लोहा विश्व के सामने हर एक दो महीने में दिखाई दे रहा है और हां दुश्मन ये देख देखकर जल रहा है।


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