जंगी जहाज पर उतरने में सक्षम विमान बनाने वाला दुनिया का छठा देश बना भारत

कल रविवार का दिन भारतीय नौसेना के लिए ऐतिहासिक रहा| स्वदेशी प्रणाली से निर्मित हलके लड़ाकू विमान तेजस ने कल INS विक्रमादित्य से उड़ान भरी और भारत जंगी जहाज पर उतरने में सक्षम लड़ाकू विमान बनाने वाला दुनिया का छठा देश बना|

विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य के “स्की-जंपडेक से तेजस ने भरी उड़ान

तेजस के नौसैनिक संस्करण ने कल रविवार को विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य के “स्की-जंप” डेक से उड़ान भरी| इस से पहले तेजस के नौसैनिक संस्करण ने शनिवार को आईएनएस विक्रमादित्य पर पहली बार लैंडिंग की थी| यह भी नौसेना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, और भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था| इस उपलब्धि के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिसने किसी जंगी जहाज पर उतरने और उड़ान भरने में सक्षम विमान बनाने में सफलता हासिल की हो| अब तक ये उपलब्धि दुनिया के सिर्फ पांच देशों (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन) ने हासिल की थी|

बता दें कि स्की-जंप किसी विमानवाहक पोत के डेक पर हलका घुमावदार अगला हिस्सा होता जो लड़ाकू विमानों को उड़ान भरने के लिए पर्याप्त सहायता प्रदान करता है|

DRDO ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है तेजस

तेजस के इस नौसैनिक संस्करण को DRDO ने एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर, सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्दीनेस एंड सर्टीफिकेशन, और सीएसआईआर समेत कई अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर तैयार किया गया है|

रक्षा मंत्री ने भी ट्वीट कर ख़ुशी ज़ाहिर की

इस गौरवशाली मौके पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर के कहा कि डीआरडीओ के बनाए एलसीए तेजस की आईएनएस विक्रमादित्य पर पहली लैंडिंग के बारे में जानकर बेहद खुशी हुई। यह लैंडिंग भारतीय लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम के इतिहास में शानदार घटना है।

यहाँ इस बात का उल्लेख करना जरुरी होगा कि साल 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एलसीए को तेजस नाम दिया था। संस्कृत भाषा के शब्द तेजस का अर्थ है अत्यधिक शक्तिशाली ऊर्जा।

प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया प्रोग्राम का सबसे ज्यादा लाभ भारतीय सेना को मिला है| DRDO ने पिछले छह सालों में कई कीर्तिमान स्थापित किये और भविष्य में सफतला की नित नयी कहानियां रचने की और अग्रसर है|